जिला अस्पताल की रिटायर्ड प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. शैली मेहरोत्रा के घर जिगर कालोनी में बृहस्पतिवार रात बदमाशों ने जमकर कहर बरपाया।
डॉ. शैली, उनके पति रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ओम मेहरोत्रा, ननद डॉ. रश्मि, पांच साल की मासूम पोती दिव्यांशी उर्फ गिन्नी की गला रेतकर हत्या कर दी और अलमारियों में रखे लाखों के जेवर व नकदी लूटकर फरार हो गए।
एक दिन पहले शैली बैंक से रकम निकालकर लाई थीं। सूचना पड़ोसियों ने पुलिस को दी। डीआईजी समेत आला अधिकारी पहुंचे और छानबीन की।
शैली जनवरी में हुई थी रिटायर
शैली मेहरोत्रा इसी जनवरी में रिटायर हुई थीं। उनके पति डॉ. ओम 12 साल पहले रिटायर हुए थे। पहले शैली सरकारी आवास में रहती थीं। फरवरी से वह पुलिस लाइन से 200 मीटर दूर जिगर कालोनी घर आ गई थीं।
हालांकि रिटायरमेंट के बाद वह घर के पास ही जिगर अस्पताल में प्रैक्टिस करने लगी थीं। उनके बेटे डॉ. उज्जवल व बहू डॉ. ममता बंगलूरू में हैं।
छोटे-छोटे बच्चों को मार डाला
घर पर डॉक्टर दंपति के साथ उनकी पोती गिन्नी (5) और ननद डॉ. रश्मि (65) भी रहती थीं। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे डॉ. शैली अस्पताल से घर आई थीं।
रात सभी खाना खाकर सो गए। सुबह मरीजों के आने पर जिगर अस्पताल के निदेशक डॉ. मजहर ने फोन किया। कॉल रिसीव नहीं हुई तो देखने घर आए। कार नहीं थी, बाहर ताला लगा देख लौट गए।
इस बीच डॉक्टर की बेटी डॉ. गुंजन ने भी मां का फोन न मिलने पर पड़ोस में मेडिकल स्टोर चलाने वाले एसके अग्रवाल को फोन किया। उन्होंने सीएमओ को बताया।
घर में पड़ी थी लाशें
जब जिला अस्पताल से दो कर्मचारी आए और गेट फांदकर अंदर जाकर देखा तो ड्राइंग रूम में डॉ. ओम का खून से लथपथ शव दिखा। इसके बाद हड़कंप मच गया।
पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो अंदर डॉ. ओम के साथ उनकी पत्नी, पोती और बहन की लाशें पड़ी थीं। सभी का गला रेता गया था। अलमारियों का सामान बिखरा पड़ा था।
शाम रुद्रपुर से आई बेटी डा. गुंजन ने हत्या और लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएसपी आशुतोष कुमार ने बताया कि नौकरानियों के साथ आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। डॉक्टर के हाथ में टार्च थी, इससे साफ है कि घटना के वक्त बिजली नहीं आ रही थी। मामले की जांच को चार टीमें बनाई गई हैं।