पीलीभीत में एक 35 वर्षीय महिला को कुछ लोगों ने उसके घर से अगवा किया और फिर 15 हजार रुपए उसकी कीमत लगाई। उसके गहने भी लूट लिए।
थाना बिलसंडा के एक गांव से अगवा की गई 35 वर्षीय महिला को अपहर्ताओं ने बरेली के भुता क्षेत्र के एक युवक के हाथों 15 हजार रुपये में बेच दिया।
इस महिला को 27 दिन बाद भुता पुलिस की मदद से गांव मोहलिया से बरामद कर लिया गया है। एसपी एन कोलांची के आदेश पर बिलसंडा थाने में अपहरण की रिपोर्ट तो दर्ज हो गई लेकिन मानव तस्करी की बात को पुलिस भी पी गई है।
सोमवार को पुलिस लाइंस स्थित एसपी दफ्तर आए बिलसंडा क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने बताया कि 14 अक्तूबर को उसकी गैर मौजूदगी में चार वर्ष की बेटी के साथ उसकी पत्नी घर पर थी। रात करीब 12 बजे दो बाइक सवार उसके घर पहुंचे और गांव के ही तीन लोगों की मदद से उसकी पत्नी को अगवा करके ले गए।
पुलिस ने बदल दी शिकायत
पुलिस ने उसकी तहरीर बदलवाकर गांव के ही बनवारी समेत दो लोगों के खिलाफ महिला को बहला फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज की थी।
पति अपनी पत्नी को खोज ही रहा था कि 10 नवंबर को उसके भुता के गांव मोहलिया में होने की सूचना मिली। इस पर घर वाले ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद मौर्य के साथ मोहलिया पहुंचे और भुता पुलिस की मदद से एक घर से महिला को बरामद कर लिया।
महिला ने एसपी को बताया कि आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर बरेली ले गए थे। छह सात दिन तक वहां एक कमरे में रखा। उसके कुंडल, पायल, नाक का फूल और सेलफोन लूट लिया। बाद में 15 हजार रुपये में थाना भुता के गांव मोहलिया में एक युवक के हाथ उसे बेच दिया।
सिर्फ अपहरण का मामला
एसपी ने एसओ केके यादव को रिपोर्ट दर्ज कर महिला एसओ गुड्डी गंगवार के साथ जाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
इसके बाद देर शाम थाना बिलसंडा में रामबहादुर, बनवारी लाल, विमला देवी निवासी भितेरा, बिलसंडा और पूरनलाल निवासी मोहलिया के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया लेकिन महिला को बेचे जाने जैसे गंभीर अपराध को पुलिस ने नजरंदाज कर दिया।