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जब अंगूठी उतरवाने पर रोने लगी पीयूष की प्रेमिका

Fri, 01 Aug 2014 05:46 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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मेहनतकश परिवार के बिगड़ैल रईसजादे पीयूष को प्यार से कोई लेना देना नहीं था। हवस पूरी करने के लिए वह कुछ भी कर सकता था। उसका संबंध सिर्फ मनीषा से ही नहीं और भी कई लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं से था, जिनको वह इमोशनल ब्लैकमेल करके शारीरिक संबंध बनाता था।
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हत्या से पहले ज्योति के साथ होते हुए भी मनीषा से लगातार फोन पर बात कर रहा था। ज्योति की हत्या के बाद अगले दिन उसने अपनी महिला कर्मचारी के साथ वक्त बिताने का प्लान भी बनाया था।

इसकी पुष्टि महिला कर्मचारी ने पुलिस की पूछताछ में की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीयूष के कई महिलाओं से संबंधों की बात का पहले ही खुलासा कर दिया है।
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पीयूष की शादी से पहले से है अफेयर

बिस्कुट कारोबारी पीयूष और उसकी प्रेमिका मनीषा ने ज्योति मर्डर की साजिश रची थी। मनीषा केसर पान मसाला कारोबारी हरीश माखीजा की बेटी है। वो दो बहन और एक भाई हैं। जिसमें मनीषा सबसे बड़ी है।

वो परिवार की लाडली थी। पिता उसकी हर डिमाण्ड पूरी करते थे। जिसके चलते ही वो बिगड़ गई थी। वो क्लब में जाने की शौकीन थी।

पीयूष और मनीषा का अफेयर कई साल पुराना है। इसके बारे में दोनों के परिवार वाले जानते थे। दोनों की शादी बात भी चली थी, लेकिन उनकी कुंडली नहीं मिलने से पीयूष के परिजन राजी नहीं हुए।

कुंडली नहीं लेकिन जिस्म मिलते रहे

उसके के बाद पीयूष के परिजनों ने उसकी शादी ज्योति से कर दी, लेकिन पीयूष और मनीषा ने प्रेम संबंध खत्म नहीं किए। उनमें शारीरिक संबंध भी था।

मनीषा भी पीयूष दीवानगी की हद तक चाहती थी। इसलिए वो स्वरूपगनर के बंगले को छोड़कर पाण्डुनगर नगर में पीयूष के बंगले के पड़ोस में रहती थी, ताकि वो पीयूष की हर गतिविधि पर नजर रख सके।

पीयूष ने 5 सिम मनीषा को दे रखे थे। जिसमें से दो फर्जी आईडी से खरीदे गए। दो सिम हत्या की साजिश करने के दौरान ही खरीदे गए थे। एक सिम पीयूष के पास था जिसे वह ब्लैकबेरी फोन से चलाता था वहीं दूसरा मनीषा के पास।
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अंगूठी उतरवाई तो रोने लगी मनीषा

ज्योति मर्डर केस में पीयूष श्याम दासानी की प्रेमिका मनीषा मखीजा समेत पांचों अभियुक्तों को सीएमएम सत्यदेव गुप्ता की कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

जेल सूत्रों के मुताबिक जेल में पहुंचते ही महिला कांस्टेबल ने मनीषा की अंगूठी उतरवाई तो वह रोने लगी। उसकी अंगूठी और अन्य सामान जमा कर दिया गया है।

महिला बैरिक को देखकर उसने जोर-जोर से रोना शुरू कर दिया। वह एक ही बात कहे जा रही थी कि वह यहां नहीं रह सकती है। यहां नहीं सो सकती। महिला कांस्टेबल ने उसे समझाया कि अब इसकी आदत डालनी होगी। शाम को खाना देने पर उसने खाने से इनकार कर दिया। जेलर एके सिंह ने बताया कि मनीषा की काउंसिलिंग कराई जा रही है।
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