निर्दोष और मासूमों से हैवानियत के लिए कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की एक और खौफनाक करतूत सामने आई है। आईएस के आतंकियों ने 12 इसाइयों को मुसलमान बनाने के लिए अगवा किया था। अगवा किए गए लोगों में एक 12 साल का बच्चा भी था।
डेली मेल के अनुसार, आईएस के आतंकी ने अगवा कि गए लोगों को इस्लाम कुबूल कराने के लिए पहले 12 साल के बच्चे की उंगलियां काटी लेकिन इसके बाद भी बच्चे ने जब इस्लाम को मानने से इनकार किया तो उसके पिता के सामने ही उसका गला रेत दिया गया।
इतना ही नहीं इसाई धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपनाने से मना करने पर आईएस ने उन सभी को एक-एक करके मौत के घाट उतार दिया गया। अगवा किए गए लोगों में कुछ महिलाएं भी थी जिनकी हत्या बहुत ही दरिंदगी के बाद की गई।
जीसस का नाम लेने वाली महिला की हुई हत्या
(यह तस्वीर की है तब की है जब सीरियाई इसाइयों का आईएस ने कत्लेआम किया था)
खबरों के अनुसार, अगवा की गई महिलाओं में से एक महिला ने बच्चे की उंगली काटने के दौरान चिल्लाकर 'जीसस' कहा जिसके बाद उसे भी मौत के घाट उतार दिया गया।
अगवा कर हत्या किए गए लोगों के परिजनों ने बताया कि हत्या से पहले महिलाओं का बलात्कार भी किया गया था। बताया जा रहा कि जिन लोगों की हत्या की गई है वो इसाई सहायता मिशन के कार्यकताओं के सहयोग में लगे थे।
बताते हैं जिस 12 साल के बच्चे की उंगलियां काटी गई थी उस वक्त वहां उसका पिता भी मौजूद था। पिता से आईएस के आतंकियों ने कहा कि अगर वो लोग अभी भी इस्लाम कुबूल करलें तो उनकी जान बच सकती है। लेकिन उन्होंने इस्लाम कुबूल करने से मना कर दिया तो उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया।
भीड़ के सामने किया महिलाओं का बलात्कार
डेली मेल के मुताबिक जिन इसाइयों को मुसलमान बनाने के लिए अगवा किया गया था उन लोगों को सैकड़ो लोगों की भीड़ के सामने पूछा कि वे इस्लाम कुबूल करेंगे या नहीं? और जब वो न कहते तो भीड़ के सामने ही उनका गला काट दिया।
लेकिन जब महिलाओं इस्लाम कुबूल करने के बारे में पूछा गाया और उन्होंने न में जवाब दिया तो उनके साथ दरिंदगी कर हत्या कर दी गई। आतंकियों ने महिलाओं का भीड़ के सामने ही बलात्कार किया और फिर उनके साथ दरिंदगी करने के बाद उनका कत्ल कर दिया।
बताया जा रहा है कि कत्ल के दौरान महिलाएं और पुरुष चिल्ला चिल्लाकर विनती कर रहे थे कि उन्हें न मारा जाए लेकिन शैतानी आतंकियों को जरा भी रहम नहीं आया।