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एक दिन में 30 पुरुषों के साथ सोने को मजबूर थीं सुनीता

Sat, 05 Sep 2015 09:54 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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आज से करीब 20 साल पहले सुनीता दौनवर नाम की महिला को करीब पांच महीने तक जिस क्रूरता को बर्दास्त करना वह अकल्पनीय है। देह व्यापार का धंधा करने वाले लोग उसे एक दिन में 30-30 लोगों के साथ सोने के लिए मजबूर करते थे। लेकिन आज सुनीता कई मजबूर लड़कियों के लिए आशा की किरण बन गई हैं।
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सुनीता जब महज 14 साल की थीं तब उन्हें काम दिलाने का लालच दे नेपाल से भारत आया गया था लेकिन जब वह भारत पहुंची तो उसे एक छोटे से कमरे में बंद कर दिया गया क्योंकि वह अब दलालों के हाथ होते हुए कोठे में पहुंच चुकी थी। ग्राहक आते तो रात में उसे सोते हुए जगा दिया जाता ताकि ग्राहक उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बना सकें।

इसी बीच कुछ दिनों पर उसके किस्मत ने पल्टी मारी और उसने जो रास्ता चुना वह उसके लिए गर्व और सम्मान का रास्ता साबित हुआ। बताते हैं कि सुनीता ने एक दिन वेश्यालय से भागने की योजना बनाई जिसमें वो कामयाब रही। डेली मेल के मुताबिक, सुनीता ने जब से खुद को इस दलदल से निकाला है तब से उसने प्रण किया है कि वह मजबूरी इस दलदल में फंसने वाली लड़कियों का सहारा बनेगी और उनके जीवन को संवारेगी।
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नेपाल भूंकप पीड़ितों का बचा रहीं हैं जीवन

जब से नेमाल में भूकंप आया है तब वहां देह व्यापार में लगे दलाल सक्रिय हैं। वे भूकंप पीड़ितों की लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेल रहे हैं लेकिन भयानक यातनाएं झेल चुकीं सुनीता इन पीड़ितों की बेटियों के लिए एक आशा की किरण का काम कर रही हैं।

सुनीता नेपाल की उन तमाम लड़कियों को वेश्यावृत्ति के दलदल से निकलने में मदद कर रहीं हैं जिन्हें किसी लालच या झांसे में लेकर उनका शोषण किया जा रहा है।  जिन लड़कियों के परिजनों को कुछ पैसे देकर उन्हें देह व्यापार के लिए बेच दिया गया है सुनीता उन लड़कियों वापस उनकी सम्मानजनक जिंदगी वापस दिलाने की कोशिश में जुटी हैं।

ऐसा काम करने का विचार कहां से आया इसके लिए सुनाता कहती हैं कि उनके बारे में जब एक बौद्ध भिक्षिका को पता चला तो उन्होंने काफी कोशिश के बाद उसे मुंबई के वेश्यालय से मुक्त कराकर उसे वापस नेपाल लाकर उसके परिवार से मिलाया। इसके बाद उसे लगा कि उसे भी दूसरों की जिंदगी बचानी चाह‌िए।

सुनीता ने बताया कि वह अब एक शक्ति समूह नाम का एनजीओ चला रही हैं जिसके जरिए वो नेपाल की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में फंसने से बचाने की कोशिश कर रही हैं।
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