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रात भर मां की लाश के साथ बैठी रही मासूम बच्ची

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आगरा के ताजगंज क्षेत्र में चार साल की मासूम बेटी की आंखों के सामने पिता ने उसकी मां की हत्या कर दी। शव को डिश केबल से पंखे पर फांसी के फंदे से लटका दिया। बच्ची को कमरे में सुलाकर परिवार समेत फरार हो गया। जानकारी पर परिवारीजन पहुंचे।
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उन्होंने मृतका के पति राधे, जेठ सोरन सिंह और सोरन की पत्नी इंद्रा देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। हत्या में शामिल होने का शक सोरन के बेटे राहुल और दो अज्ञात पर भी जताया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।

पुलिस के अनुसार, फतेहाबाद के घाघपुरा निवासी माताप्रसाद ने अपनी बेटी सोना (28) की शादी आठ साल पहले बल्देव नगर, गोबर चौकी निवासी रूसी के बेटे राधे उर्फ राधेश्याम के साथ की थी। राधे का दूध और कबाड़ का कारोबार है। उनकी चार साल की बेटी जाह्नवी है।
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मायकेवालों के मुताबिक, शादी के बाद से ही सोना का दहेज के लिए उत्पीड़न किया जाने लगा। इस कारण एक साल से मायके में रह रही थी। तीन माह पहले ही पति समझौता करने के बाद साथ ले गया। आरोप है कि बुधवार रात को राधे ने सोना के साथ मारपीट की। इसके बाद उसकी रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। जिस वक्त हत्या की घर में बेटी जाह्नवी मौजूद थी।

बच्‍ची ने बयां की उस खूनी रात की कहानी

गुरुवार सुबह छह बजे दूध लेने पहुंचे लोगों को घर में कोई नहीं मिला। भैंसें भी नहीं थी। माता प्रसाद के जीजा मान सिंह पड़ोस में रहते हैं। वह पहुंचे और सोना का कमरा अंदर से बंद देखा तो उन्हें शक हुआ। जानकारी पर मायकेवाले पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा खटखटाया तो काफी देर बाद अंदर से जाह्नवी ने गेट खोला।

सोना का शव फंदे पर लटका था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पूछताछ में जाह्नवी ने पुलिस को बताया कि पापा-मम्मी को मार रहे थे। ताऊ और ताई भी पापा के साथ थे। मारने के बाद मम्मी को लटका दिया। मुझसे कमरा अंदर से बंद कराया और चले गए। मजिस्ट्रेट ने बच्ची के बयान दर्ज किए।

जिस बेटी ने अपनी मां को खो दिया वो पूरी रात उसकी लाश के साथ ही रही। मासूम जाह्नवी को इस बात का आभास भी न था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। जब कमरे से बाहर आई तो लोगों ने उससे पूरी घटना के बारे में पूछा। बच्ची अपने हाव भाव से मां सोना के साथ हुए पूरे घटनाक्रम को बता रही थी।

लोगों के पूछने पर उसने खुद को चांटा मारकर दिखाया, फिर गला भी पकड़ा। फिर बताया कि ऐसे पापा मम्मी को मार रहे थे। ज्यादा सवालों में वह उलझ भी जाती। बाद में मजिस्ट्रेट ने बच्ची से प्यार से पूछा।
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आखिर क्यों खिंचवाई थीं ऐसी तस्वीरें?

उन्होंने बच्ची को कमरे के अंदर भेजा और दरवाजे की कुंडी लगवाकर और खुलवाकर भी देखा कि कहीं बच्ची किसी के कहने पर तो ऐसा नहीं बोल रही। उन्हें सच्चाई का पता चल गया।

परिवारीजनों के मुताबिक, पति के उत्पीड़न से परेशान होकर सोना एक साल तक मायके में रही। कई बार पति घर आया, लेकिन सोना को जान जाने का अंदेशा था। उसने हर बार ससुराल जाने से इंकार किया।

बाद में पंचायत में परिवार के बुजुर्ग लोगों ने फैसला किया मायके वाले बेटी के ससुराल नहीं आएंगे। पति भी परेशान करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। राधे समझौता करके उसे साथ ले आया था।

ताजगंज एसओ ने बताया कि कमरे में साक्ष्य जुटाने के लिए पड़ताल की गई। डाग स्क्वाएड को भी बुलाया। कमरे में राधे के दो फोटो मिले। एक में उसने आईपीएस की ड्रेस तो दूसरे में डॉक्टर की ड्रेस पहन रखी है। यह फोटो क्यों खिंचाए गए, इसकी पड़ताल की जा रही है।
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