सहारनपुर के बेहट रोड पर गंगोत्री विहार में नूर बस्ती निवासी 22 वर्षीय मुस्लिम युवक की लाश पेड़ पर लटकी हुई मिली और कुछ ही दूरी पर एक युवती गंभीर हालत में जमीन पर तड़पड़ती हुई मिली।
पुलिस ने युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। युवती दूसरे समुदाय की है। अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। युवक के परिजनों ने हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाने का आरोप लगाया है।
गंगोत्री विहार में चांद के बाग में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कुछ लोगों ने युवक की लाश पेड़ पर लटकी देखी। कुछ ही दूरी पर करीब एक युवती गंभीर हालत में जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। युवक की पहचान नूर बस्ती निवासी कल्लू के पुत्र अनीस के रूप में हुई।
सूचना पर अनीस के परिजन और बस्ती के लोग भी मौके पर पहुंचे।
युवती ही खोलेगी घटना का राज!
जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के भाई इमरान और नफीस ने अनीस की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए लाश को पेड़ पर लटकाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दोपहर करीब 12 बजे अनीस के पास किसी का फोन आया। इसके बाद वह चला गया था।
करीब सात-आठ दिन पूर्व भी रमजानपुरा में गाड़ी से टक्कर लगने पर गांव के कुछ लोगों ने अनीस के साथ मारपीट की थी। देहात कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। अनीस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और युवती के होश में आने पर ही सही स्थिति का पता चलेगा।
परिजनों का अस्पताल में हंगामा
पुलिस ने घटनास्थल से शव उठवाकर उसे सीधे पोस्टमार्टम हाउस ले जाने पर मृतक अनीस के परिजनों और नूर बस्ती के लोगों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया। गुस्साए परिजनों और लोगों ने शव लेकर आए देहात कोतवाली के दोनों दरोगाओं को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। उनसे धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी की।
फिर उन्हें एमरजेंसी के चिकित्सा कक्ष में ले गए। इससे एमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर पहुंचे सीओ सेकेंड चरण सिंह यादव के साथ पूर्व विधायक इमरान मसूद, जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलवी फरीद, मुकेश चौधरी, डॉ. रागिब अंजुम ने दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
युवती के गले पर भी मिले निशान
अस्पताल में भर्ती युवती के गले पर भी रस्सी से दबाने जैसे निशान मिले हैं। वह शाम तक अचेत हालत में थी। संभावना जताई जा रही है कि उसकी भी हत्या करने का प्रयास किया गया।
उसकी मां ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे घास लेने गई थी। वहां क्या कुछ हुआ उसे नहीं पता। युवती कभी-कभी बेहोश होकर गिर जाती है। हो सकता है घास काटने के दौरान भी वह बेहोश हो गई। इससे ज्यादा वह कुछ बता पाई।
मृतक अनीस के परिजनों और अन्य लोगों का कहना है कि पेड़ की जिस टहनी पर लाश लटकी मिली। उसकी ऊंचाई आदमी के सिर तक ही है और इतनी कमजोर थी कि उस पर लटकना संभव नहीं है। अनीस की हत्या करने के बाद मामले को दूसरा रूप देने के लिए शव को पेड़ पर लटकाया गया और युवती को भी वहां फेंक दिया गया। अनीस का मोबाइल फोन भी नहीं मिला है।