कस्बे के चौगान गांव में सोमवार की रात कमरे में बेटी के साथ प्रेमी को देखकर पिता का खून खौल उठा। उसने लाइसेंसी रिवाल्वर से बेटी को गोलियों से भून डाला।
युवक ने कमरे में बंद होकर जान बचाई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। प्रेमी को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद गांव में जातीय तनाव के हालात पैदा हो गए। पुलिस ने पिता और भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
चौगान के अशोक सिकरवार प्रापर्टी डीलर हैं। परिवार में दो बेटे सचिन, विपिन और तीन बेटियों में सबसे छोटी रुचि (19) है। रुचि बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और एथलीट भी थी।
पुलिस ने बताया कि गांव निवासी शेर सिंह पुत्र अमर सिंह की छलेसर चौराहे पर जनरल स्टोर की दुकान है। शेर सिंह के कई साल से रुचि के साथ प्रेम संबंध थे। इसकी भनक घरवालों को भी थी।
सोमवार की रात शेर सिंह और रुचि कमरे में बातचीत कर रहे थे। रात तकरीबन साढ़े दस बजे पिता ने दोनों को देख लिया। जान से मारने की धमकी देते हुए लाइसेंसी रिवाल्वर से रुचि पर एक के बाद एक पांच गोलियां बरसाईं।
चार गोली रुचि के सीने में लगीं, जबकि एक गोली गर्दन को भेदती हुई निकल गई। रुचि की मौके पर ही मौत हो गई। शेर सिंह ने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई।
उधर, गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण भी एकत्र हो गए। कमरे में बंद शेर सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम और अपने घरवालों को जानकारी दी। इस पर एत्मादपुर एसओ मौके पर पहुंचे और शेर सिंह को कमरे से मुक्त कराया।
पुलिस ने रुचि के पिता अशोक सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया। शेर सिंह का कहना है कि रुचि के भाइयों ने भी तमंचों से गोली चलाई। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि मामला ऑनर किलिंग का प्रतीत हो रहा है।
पुलिस ने पिता और भाइयों के खिलाफ हत्या और शस्त्र अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया है। जांच की जा रही है।