गुजरात में एक एसीपी पर एक नाबालिग वेश्या से रेप करने और सेक्स रैकेट से संबंध रखने का आरोप लगा। दो मार्च, 2007 को उस एसीपी ने सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
इस केस में छह साल बाद सीआईडी (क्राइम) ने एक डीएसपी के खिलाफ एसीपी को खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
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टीओआई के अनुसार, बड़ोदरा क्राइम ब्रांच के तत्कालीन इंस्पेक्टर के बी जडेजा ने सूरत पुलिस को एसीपी के सेक्स रैकेट से संबंध और वेश्या से रेप के आरोप वाला एक एसएमएस भेजा था। जिसके बाद एसीपी बी आई पटेल ने खुदकुशी कर ली थी।
उस एसएमएस में सूरत पुलिस को एसीपी पटेल के बारे में जानकारी इकट्ठा करने को कहा गया था। इस समय जडेजा डीएसपी के पद पर हैं और उनको मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगाया गया है।
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पटेल के बेटे ने आरोप लगाया था कि उसके पिता पर दबाव बनाया गया था इस वजह से उन्होंने खुदकुशी की। इस आरोप के बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सीआईडी डीएसपी युवराज सिंह जडेजा ने बताया कि पटेल पर आरापों को लेकर दबाव बनाया गया था ताकि समाज में उनका अपमान हो। हालांकि सूरत पुलिस को भेजा गया एसएमएस बड़े अधिकारियों को नहीं दिखाया गया था।
गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच ने फरवरी 2007 में एक सेक्स रेकैट का भंडाफोड़ किया था। उसमें एक युगल को गिरफ्तार किया गया था। उस समय क्राइम ब्रांच ने दावा किया था कि उस रैकेट के जाल से बचाई गई लड़की को एसीपी पटेल और अन्य आरोपी के पास भेजा गया था। बाद में सीआईडी ने मामले की जांच की और स्थानीय अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया।
के बी जडेजा ने कहा कि उन्होंने वह मैसेज भेजकर कोई गलती नहीं की थी। लेकिन वह मैसेज पटेल तक कैस पहुंच गया। यह एक गंभीर मामला है। इस मामले की जांच में जो भी जरूरी था उन्होंने वह किया।