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विवादों में ग्रीनपीस, महिला ने लगाया गंभीर आरोप

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पर्यावरण के लिए लड़ने वाले एनजीओ ग्रीनपीस की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। संस्थान की एक पूर्व महिला कार्यकर्ता द्वारा अपने सह कर्मी पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले के चलते अब दूसरी पूर्व महिला कार्यकर्ता भी अपने साथ हुए उत्पीड़न के मामलों के साथ सामने आ रही हैं।
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मामला तब सामने आया था जब इस महिला ने एक साइट पर छपे लेख में इस बात का खुलासा किया था कि 2013 में ग्रीनपीस की नौकरी छोड़ने का कारण यह था कि उसके सहकर्मियों ने उसका यौन उत्पीड़न और रेप किया था।

उसने बताया था कि हैदराबाद में एक ऑफिशियल मीटिंग के दौरान इस व्यक्ति ने उसे अपने होटल रूम में बुलाया और उसके साथ सोने पर मजबूर किया। महिला के लाख मना करने पर भी उसने जबरदस्ती उसे बर्थडे केक खिलाया।
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संस्थान ने भी बरती लापरवाही

महिला ने संस्थान पर भी आरोप लगाते हुए बताया कि संस्थान से शिकायत करने के बावजूद उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया बल्कि वहां की आंतरिक शिकायत कमीटी के सदस्यों नें उसकी ही गलती दिखाने की कोशिश की थी।

अब कार्यकर्ताओं की तरफ से एनजीओ को इन मामलो में न्याय करने में कोताही बरतने पर फटकार भी झेलनी पड़ रही है।

हाल ही में सरकार द्वारा ग्रीनपीस के अकाउंट ब्लॉक किए जाने के मामले में यह एनजीओ सुर्खियों में था। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने उसके दो अकाउंट पर से प्रतिबंध हटा दिया था ताकि वह अपना काम कर सके। अब फिर यह एनजीओ इस नए मामले के साथ खबरों में है।
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