सुरक्षा की नजर से लॉकर में सोना रखने वाले यह खबर सुनकर चौंक सकते हैं। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में मधवापुर स्थित माइक्रो फाइनेंस कंपनी के ब्रांच आफिस के लॉकर में रखा सोना तीन महीने में पीतल बन गया।
कंपनी की ऑडिट टीम जब सोने की जांच को आई तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। कंपनी के एरिया मैनेजर ने बृहस्पतिवार की रात ब्रांच मैनेजर और एक अन्य के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज करा दिया है। जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उन्हीं के पास लॉकर की चाभी रहती है।
माइक्रो फाइनेंस कंपनी सोना गिरवी रखकर कर्ज देती है। 17 जुलाई को मधवापुर शाखा में लखनऊ शाखा से 900 ग्राम सोना लाया गया। सोने को लॉकर में रखा गया जिसकी चाभी ब्रांच मैनेजर सत्य प्रकाश और टीआरएम पूर्णमासी के पास रहती है।
30 अक्तूबर को कंपनी की ऑडिट टीम शाखा पहुंची। लॉकर में रखे गए सोने की जांच की गई तो सभी के होश उड़ गए। टीम ने रिपोर्ट दी कि लॉकर में रखा सोना नकली है। जानकारी दिल्ली में बैठे अफसरों को दी गई। इसके बाद जांच करने के लिए एरिया मैनेजर हेमंत यादव इलाहाबाद पहुंचे।
उन्होंने भी सोना बदलकर मिलती जुलती धातु रखने की पुष्टि की। कहा जा रहा है कि धातु पीतल हो सकती है। हेमंत यादव ने बृहस्पतिवार की रात ब्रांच मैनेजर सत्य प्रकाश और टीआरएम पूर्णमासी के खिलाफ धारा 406 के तहत कीडगंज थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया।
गायब हुए सोने की कीमत 26 लाख 50 हजार रुपये के आसपास बताई जा रही है। लॉकर को तोड़ने जैसी कोशिश नहीं हुई। किसी ने उसे खोलकर सोना निकाला और मिलती जुलती धातु रख दी।
एसओ कीडगंज नवीन तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।