वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में नौ जून की रात हत्या कर युवती का शव फेंके जाने के मामले का क्राइम ब्रांच ने बुधवार को खुलासा किया।
युवती के गोरखपुर निवासी प्रेमी शैलेश गौड़ ने ही उसकी हत्या की थी। ट्रैवेल एजेंसी की गाड़ी चलाने वाला शैलेश शादीशुदा है। युवती उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। नौ जून की रात वह जिद पर अड़ गई कि वह उसके साथ गोरखपुर जाएगी।
पीछा छुड़ाने के लिए शैलेश ने गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी और खुद गोरखपुर भाग निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इनोवा गाड़ी बरामद कर ली है। इस पूरे मामले का खुलासा एसपी क्राइम राहुल राज ने बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस में किया।
युवती से छह माह से संपर्क में था कातिल
नौ जून की रात कैथी स्थित पुरानी हवाईपट्टी पर एक युवती की लाश मिली थी। एसएसपी जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और चौबेपुर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। घटना के दो दिन बाद ही पता चला कि युवती पहड़िया निवासी एक व्यक्ति के यहां नौकरानी थी।
पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल की मदद से जांच शुरू की। पता चला कि नौ जून को ही तीन बार शैलेश की युवती से बात हुई थी। पुलिस ने गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र के बेलाघाट खुर्द निवासी शैलेश गौड़ को पूछताछ के लिए उठाया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल किया। बताया कि युवती का पिछले छह माह से उससे संपर्क था। नौ जून को वह बिजली विभाग के एक इंजीनियर को लेकर वाराणसी आया था। शाम को मौका मिलने पर पर वह युवती से मिलने पहड़िया चला गया। उसे इनोवा गाड़ी में बैठाकर कैथी होते हुए पुरानी हवाईपट्टी पर गया। वहां युवती उस पर शारीरिक संबंध बनाया जिसके बाद युवती शादी करने का दबाव बनाने लगी।
रॉन्ग नंबर से हुई थी युवती की दोस्ती
खुद को शादीशुदा बताकर उसने शादी से इंकार किया तो वह जान देने की धमकी देने लगी। उससे पीछा छुड़ाने के लिए गाड़ी में ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को छोड़कर भाग गया। जिस इंजीनियर को लेकर वह गोरखपुर से आया था, उसे लेकर गोरखपुर वापस चला गया।
युवती के मोबाइल की कॉल डिटेल के सहारे पुलिस उस तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच के इंटेलीजेंस प्रभारी एसपी सिंह, एएन सिंह, राजेश राय और एसओ चौबेपुर सुरेंद्र यादव आदि शामिल थे।
शैलेश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि करीब छह महीने पूर्व युवती ने किसी रॉकी नाम का शख्स समझ कर उसके मोबाइल पर फोन मिलाया था। बाद में वह अक्सर फोन करने लगी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती हो गई। वह जब भी गाड़ी लेकर गोरखपुर से वाराणसी आता था, युवती से जरूर मिलता था। वह उसे जेब खर्च के लिए पैसे भी देता था। शादी करने की जिद की वजह से उसे हत्या करनी पड़ी।