तीर्थ नगरी वृंदावन में लगातार अनैतिक और आपराधिक वारदातों का ग्राफ बढ़ना न सिर्फ कृष्णनगरी के चरित्र के विपरीत है, बल्कि लचर कानून-व्यवस्था के मुंह पर भी बेशर्मी का तमाचा साबित हो रहा है।
दो मनचले बीते महीने भर से 12वीं की छात्रा को स्कूल से आते-जाते वक्त छेड़ रहे थे। उन्हें कानून का इतना भी खौफ नहीं रहा कि छात्रा के घर पर भी आकर उसे छेड़ने लगे।
रोजाना मनचलों की नापाक हरकतों से घृणित होने के बजाय छात्रा ने मरना बेहतर समझा इसलिए आखिरी रास्ता चुन लिया। छात्रा ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगी ली। 90 फीसदी झुलसी छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
डॉकटरों से उसकी हालत के बारे में जवाब देते नहीं बन रहा है। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पीड़िता के घरवालों के मुताबिक मंगलवार को छात्रा घर में अकेली थी। इसी दौरान मनचलों ने उसे फोन किया, जिसके बाद भयभीत छात्रा ने अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा ली।
छात्रा की उम्र 17 साल है। पिता और बड़ा भाई बाहर नौकरी करते हैं। मां की मृत्यु हो चुकी है। वह अपने छोटे भाई के साथ एक निजी कॉलोनी में अपने चाचा-चाची के साथ रह रही थी। घरवालों के अनुसार आरोपियों के नाम राजाबाबू और मोहन हैं।