मुजफ्फरनगर में एक युवती को घर से अगवा कर नशे के इंजेक्शन दिए गए और फिर आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। जख्मी युवती नाले किनारे बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। परिजनों ने शहर कोतवाली में पड़ोसी समेत तीन के खिलाफ तहरीर दी है। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।
शहर कोतवाली इलाके की युवती के परिजनों की ओर से पुलिस को बताया गया कि पड़ोस का युवक अपने दो साथियों के साथ दीवार फांदकर घर में घुसा। उन्होंने युवती को नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा कर लिया और उसके साथ गैंगरेप किया गया। सुबह एक घंटे बाद लड़की बदहवास हालत में नाले किनारे बेहोश पड़ी मिली।
आसपास के लोगों की सूचना पर उसे घर लाया गया। युवती के हाथों पर इंजेक्शन देने के निशान थे। जिससे साबित होता है कि उसे नशे के इंजेक्शन दिए गए थे। दोपहर तक होश में आने पर पीड़िता ने आरोपी के साथ उसे दो साथियों के होने की बात कही।
उनका कहना था कि आरोपी युवक अपराधी किस्म का है। पहले भी छेड़छाड़ कर चुका है। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है। कोतवाली प्रभारी चमन सिंह चावड़ा का कहना है कि तहरीर में युवती को अगवा करने और नशे के इंजेक्शन देने के तीन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। मेडिकल परीक्षण के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
मां ने प्रेमी से कराया बेटी का रेप
उधर, गोरखपुर में रुपये लेकर अपने प्रेमी से 12 साल की बेटी का दुराचार कराने के मामले में एक महिला को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। जबकि आरोपी प्रेमी को उम्रकैद की सजा दी गई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला वर्ष 2010 का है।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमरनाथ सिंह की कोर्ट में अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि 18 जुलाई, 2010 की रात हुई वारदात में पीड़िता की बड़ी बहन ने राजघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया कि उसकी मां ने अपने प्रेमी से रुपये लिए थे। मां ने प्रेमी को साथ लेकर नाबालिग बेटी को एक कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद अपने सामने ही बेटी का रेप कराया।
कोर्ट में महराजगंज के श्यामदेउरवा क्षेत्र निवासी आरोपी ने दलील दी कि उसने पीड़िता के साथ पत्नी के भ्रम में संबंध बनाए। जबकि कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां ने गलत तरीके से फंसाए जाने की बात कही। कोर्ट ने दोनों की दलील नकारते हुए महिला को दस वर्ष की कठोर कैद के साथ 16 हजार रुपये दंड और प्रेमी को उम्रकैद और 56 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पैसों के लिए गैंगरेप का झूठा आरोप
बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दो देवरों पर अपनी भाभी से गैंगरेप का आरोप लगाने के सनसनीखेज मामले का खुलासा बड़ा ही चौंकाने वाला हुआ है।
पुलिस जांच में आरोप पूरी तरह से झूठा निकला। महिला ने देवरों से दो लाख रुपये वसूलने के लिए अपनी आबरू लुटने की मनगढ़ंत कहानी बनाई। पोल खुल जाने के बाद उसने एफआईआर दर्ज कराने से भी इंकार कर दिया।
गैंगरेप के झूठे मामले कुछ लोगों को सच्ची घटनाओं पर भी उंगली उठाने का मौका देते हैं। गांव के लोग कह रहे हैं यदि पुलिस जांच किए बगैर कार्रवाई कर देती तो दो बेकसूर मुश्किल में फंस जाते। महिला ने बागपत कोतवाली में सिर्फ गैंगरेप का ही नहीं, बल्कि अपनी हत्या के प्रयास का भी आरोप लगाया था।
दोनों आरोपियों के बड़े भाई ने कहा उसकी पत्नी भैंस का दूध निकालने गई थी तभी उसके दो छोटे भाइयों ने पहले गैंगरेप किया और फिर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद फांसी लगाकर उसे जान से मारने का प्रयास किया।
कई बार मांग चुकी थी पैसा
इंस्पेक्टर कोतवाली केएम दोहरे ने कहा महिला ने गैंगरेप का आरोप लगाने के बाद देवरों से दो लाख रुपये की मांग की। वे दोनों जब रकम देने को तैयार हो गए, तो महिला ने तहरीर देने से ही इंकार कर दिया।
इसके बाद जांच हुई तो यही बात सामने आई कि उसका इरादा देवरों से दो लाख रुपये हड़पने का था। आरोपियों में से एक अविवाहित है। वह अपने मकान के हिस्से के दो लाख रुपये महिला के पति को नहीं दे रहा था। महिला ने उससे कई बार रुपये देने को कहा, लेकिन वह नहीं माना।
इसके बाद ही गैंगरेप की कहानी बनाई। उसने जिस भाई को दो लाख दिए, उसे भी आरोपी बता दिया। महिला अपना मेडिकल परीक्षण कराने को भी राजी नहीं हुई।
पुलिस ने महिला से कई बार पूछा कि क्या वह रिपोर्ट दर्ज कराना चाहती है? लेकिन वह मना करती रही। वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने उससे पूछा क्या उस पर कोई दबाव डाला गया है, उसने सिर्फ इतना कहा वह कुछ नहीं कहना चाहती है।