यूपी के कुशीनगर में दरिंदगी की एक शर्मनाक वारदात सामने आई है। रामकोला में गैंगरेप करने में असफल दो युवकों ने एक किशोरी को जिंदा जला दिया।
हैवानियत की शिकार किशोरी ने मृत पूर्व बयान में गांव के प्रधान के पुत्र और एक अन्य युवक को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।
मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इस घटना से गुस्साए हियुवा के लोग गांव पहुंच गए।
पुलिस ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत करा दिया। देर रात किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
सभी आरोपी हिरासत में
बुधवार की दोपहर आग की लपटों में घिरी एक किशोरी गांव के चौराहे तक आई और गिरकर तड़पने लगी।
हक्के-बक्के रह गए लोगों ने उसे बचाने की कोशिश तो की मगर वह इस कदर झुलस चुकी थी कि लोग उसे पहचान भी नहीं सके।
किसी तरह उसने अपना नाम बताया। इस बीच लोगों ने एंबुलेंस बुला ली और थाने को भी खबर कर दी।
पुलिस ने किशोरी को जिला अस्पताल भेज दिया। मजिस्ट्रेट ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल से मुलाकात की।
मरने से पहले किशोरी ने दिया बयान, केस दर्ज
घटना के बारे में किशोरी का कलमबंद बयान भी दर्ज किया। इस बीच किशोरी की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
गोरखपुर लाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
सूत्रों के मुताबिक किशोरी ने अपने बयान में कहा है कि बुधवार को वह अपने घर में अकेली थी, तभी गांव के प्रधान का पुत्र और एक पंचायत मित्र का भाई उसके घर में घुस आए।
दोनों ने उससे दुराचार की कोशिश की। विरोध करने पर कपड़े फाड़ दिए। फिर वह चिल्लाने लगी तो उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी।