मेरठ में मेडिकल कॉलेज स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल में किशोरी को बंधक बनाकर गैंगरेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किशोरी को संविदा कर्मचारी और उसका साथी गन प्वाइंट पर अगवा करके लाया था। किशोरी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सरूरपुर थानाक्षेत्र के एक गांव की यह किशोरी को मेडिकल कैंपस का संविदा कर्मचारी दीपक कुमार और उसका दोस्त बृहस्पतिवार शाम अगवा कर मेडिकल कॉलेज लाए। यहां रातभर आरोपियों ने किशोरी को रखा। इसके बाद शुक्रवार सुबह बेहोशी की हालत में उसे गांव के पास छोड़कर फरार हो गए। होश आने पर किशोरी ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई।
परिजनों ने मंगलवार को इसकी जानकारी मेडिकल पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन वो मिले नहीं। एसओ मेडिकल संजीव यादव ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। किशोरी ने वारदात मेडिकल कैंपस की तीसरी मंजिल पर होना बताया है। पुलिस ने एक रिपोर्ट मेडिकल प्रशासन को भेजी है।
किशोरी को करने लगे थे ब्लैकमेल
चार महीने पहले किशोरी का भाई हादसे में घायल हो गया था। वह करीब एक महीने मेडिकल में भर्ती रहा था। यहीं पर किशोरी की मुलाकात दीपक से हुई।
आरोप है कि अस्पताल से छुट्टी होने के बाद दीपक किशोरी को फोन करता था। तीन बार किशोरी दवा लेने अस्पताल भी आई। इसके बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ने लगीं। आरोप है कि इसी के बाद से आरोपी किशोरी को ब्लैकमेल करने लगा था।
बृहस्पतिवार दीपक ने किशोरी के फोन किया और नकदी और जेवरात लेकर घर के बाहर बुलाया। किशोरी जैसे ही घर से बाहर आई, तभी आरोपी उसे गन प्वाइंट पर लेकर मेडिकल ले आए।
पिता बोला, इंसाफ दिला दो
मंगलवार दोपहर किशोरी को लेकर उसका पिता मेडिकल थाने पहुंचा और बोला साहब? हम बहुत गरीब हैं। इज्जत तो चली गई, अब इंसाफ दिला दो। इतना कहकर पिता फूट-फूटकर रोने लगा। पुलिस तत्काल पिता-पुत्री को लेकर मेडिकल कैंपस पहुंचे।
करीब एक घंटे तक पुलिस और पीड़ित परिवार ने आरोपी को तलाशा, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। तब जाकर पुलिस ने किशोरी से तहरीर लिखवाई और दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।