मारुति कंपनी में मोटी सैलरी पर नौकरी दिलाने के नाम पर सैकड़ों युवाओं को ठग लिया गया।
विदेशी नागरिकों ने भारत में मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों के कर्मचारियों व दुकानदारों के साथ मिलकर यह कारनामा किया।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि पिछले दिनों बंगलूरू निवासी निरंजन कुमार ने इस बाबत शिकायत की थी।
आरोपियों ने नौकरी डॉट कॉम व मॉनस्टर डॉट कॉम से बायोडाटा लिए। फिर फर्जी सिम लेने के बाद युवाओं से कहा गया कि मारुति में उन्हें चार से पांच लाख रुपए महीने की सैलरी पर रखा जाएगा।
जून में वसंत कुंज इलाके में इंटरव्यू कराने की बात करके सभी से 16-16 हजार रुपए के ड्राफ्ट मंगवा लिए गए। इंटरव्यू की तारीख पर युवाओं को ठगे जाने का पता चला।
पुलिस ने अभी तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल कोई विदेशी आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरव गुप्ता (20), मनीष कुमार (24), राहुल (24), कुलवंत सिंह (30), सुरजीत सिंह (32), नरेश चौहान (22), जितेंद्र भापारिया (23), विकास सेठी व हरी सिंह उर्फ लक्की (31) के रूप में हुई है।
टारगेट पूरा करना था
वोडाफोन और टाटा की सिम बेचने का टारगेट (800 से 1200 सिम) पूरा करने के लिए आरोपी फर्जी आई कार्ड पर सिम दे देते थे। विकास टाटा कंपनी में नौकरी करता है। सौरव व राहुल वोडाफोन में हैं। मनीष, नरेश जितेंद्र व हरी सिंह मोबाइल की दुकान चलाते हैं। आरोपियों में कुछ वेरिफिकेशन अधिकारी भी शामिल हैं।
पांच रुपये में फर्जी आईडी
पुलिस को कुलवंत से 500 जीबी की एक हार्डडिस्क मिली है। इसमें 1743 लोगों के फोटो मिलने के अलावा फर्जी आईडी की फोटोकॉपी मिली है। वह सिम एक्टीवेट कराने के लिए पांच रुपए में फर्जी आईडी देता था।