ताज नगरी आगरा के एक कपड़ा कारोबारी को उस वक्त लंबा चूना लगा दिया गया जब उसने सोशल मीडिया पर दिखे विज्ञापन के जरिए कारोबार की डील की।
पुलिस के मुताबिक फेसबुक पर मुंबई की एक रेडीमेड कपड़े की कंपनी का विज्ञापन देखकर आगरा के कपड़ा व्यवसायी प्रभात यादव ने दिए गए फोन नंबरों पर बात की। फर्जी खाते से उन्हें कपड़ों की तस्वीरें भेजी गईं इस पर प्रभात यादव ने यकीन कर लिया और 23 हजार के कपड़ों की डील पक्की कर दी।
फर्जी अकांउट वाले युवक ने अपने खाते में रुपए जमा करा लिए। माल नहीं आने पर व्यवसायी को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इस पर व्यवसायी ने एसएसपी आफिस में शिकायती पत्र दिया।
ताजगंज के बरौली अहीर निवासी प्रभात ने दो महीने पहले ही कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया था। प्रभात बाहर से माल मंगवाकर दुकानों पर सप्लाई करते हैं। अक्सर वह गुजरात और मुंबई की कंपनी के फेसबुक एकाउंट और व्हॉट्सऐप नंबर से कपड़ों की जानकारी लेते हैं। पिछले दिनों भी उन्होंने मुंबई की एक कंपनी का विज्ञापन देखा तो उन्होंने दिए गए नंबरों पर फोन घुमा दिया। बात करने वाले ने अपन नाम चेतन कुमार बताया था।
उसने खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए माल भेजने का वादा किया। इसके एवज में उसने 23 हजार रुपए 23 जनवरी को देना बैंक के खाते में जमा करा लिए। प्रभात ने बताया कि युवक गुजरात का रहने वाला है।
फेसबुक के जरिये विज्ञापन देकर लोगों से पैसा ऐंठने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि साइट पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों की सत्यता को जानना जरूरी है। कई बार फेसबुक एकाउंट पर यूजर अपना फर्जी नाम और पता रखते हैं। धोखाधड़ी करने के बाद उस एकाउंट को भी बंद दिया जाता है। ऐसे में उन्हें पकड़ना आसान नहीं होता है।