यूपी में गैंगरेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना फिरोजाबाद के एका थाना क्षेत्र की है, जहां पर एक गैंगरेप की शिकार हुई लड़की के साथ फिर से गैंगरेप किया गया है।
मंगलवार को उस युवती का अपहरण कर दुष्कर्म किया गया और आरोपियों ने उसे मरा समझकर खेतों में फेंक दिया। महिला सुबह खेत में पड़ी मिली। उसके हाथ पैर बंधे थे।
उसके चाचा ने बताया कि चार दरिंदों ने फिर उसके साथ गैंगरेप किया है। पुलिस ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका मेडिकल कराया गया।
परिवारीजनों ने बताया है कि पूर्व में भी उसके साथ दुष्कर्म की घटना घटित हुई थी। इस संबंध में पहले से ही मामला दर्ज है।
पिछले साल भाई दूज पर किया था गैंगरेप
लड़की के परिवारीजनों का आरोप है मंगलवार शाम सात बजे गांव के ही कुछ लोग उसको उठाकर ले गए थे। लड़की के चाचा की सूचना पर पुलिस ने उसे को ढूंढ़ना शुरू किया।
बुधवार सुबह वह अधमरी हालत में खेतों में मिली। उसके हाथ-पैर बंधे थे। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों के अनुसार उसका गला दबाकर मारने की कोशिश की गई। आशंका है कि गला दबने से वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपियों को लगा कि वह मर गई है और हड़बड़ी में उसे खेतों में फेंक कर फरार हो गए।
युवती के चाचा ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। पुलिस उन्हें ही जबरन साथ ले गई।
यूपी पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी
उधर, थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि महिला शाम को अपनी मां के साथ शौच के लिए गई थी। इसके बाद उसके चाचा ने शोर मचाते हुए फायरिंग की। महिला के अपहरण जैसा कोई मामला नहीं था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी प्रधान पति के घर पर तलाशी की गई है। महिला के परिवार के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया।
महिला के अपहरण करने के मामले में चाचा की तहरीर पर प्रधान पति एवं उसके अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जबकि फायरिंग के आरोप में महिला की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एक बड़े सपा नेता के बेटे का नाम
पिछले साल भाई दूज के दिन गांव के ही कुछ युवकों ने गैंगरेप किया था। पीड़ित लड़की के चाचा की तहरीर पर प्रधान पति सहित आधा दर्जन के खिलाफ बलात्कार का मामला महिला थाने में दर्ज कराया था।
आरोप है कि उक्त मामले में अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच मथुरा पुलिस को स्थानांतरित की गई है। हालांकि रेप के आरोपियों को बचाने में एक बड़े सपा नेता के बेटे का नाम आ रहा था। आरोपियों के रसूख की वजह से ही पुलिस ने कई दिन तक कार्रवाई नहीं की थी।
वहीं, महिला थाना प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश सेंगर के मोबाइल पर धमकी भरा फोन आया। मोबाइल पर काफी अभद्र टिप्पणी की गई। महिला एसएचओ ने कहा कि फोन करने वाले की जांच की जा रही है।
एक नंबर से पुलिस अधीक्षक को भी मेसेज भेजा गया है। इसमें उन्हें (समाजवादी पार्टी) सत्ताधारी दल का एजेंट लिखा गया है। एसपी डा. राकेश सिंह ने कहा कि दोनों मामलों की जांच करा रहे हैं।