जीआरपी इंस्पेक्टर की नेम प्लेट लगी वर्दी पहनकर उनके नाम से सोशल वेबसाइट पर फर्जी आईडी बनाकर लड़कियों को अश्लील मैसेज भेजने वाले दो युवकों को जीआरपी ने शनिवार को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने फर्जी आईडी बनाने की बात कबूल ली। जीआरपी ने उनका संबंधित धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया।
जीआरपी इंस्पेक्टर रतन यादव ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उन्हें जानकारी मिली थी कि युवक सोशल वेबसाइट पर उनके नाम से आईडी बनाकर लोगों से संपर्क साध रहा है। यहां तक आईडी पर फोटो भी उन्होंने फर्जी तरीके से लगा रखी है।
चैट ही नहीं उनके नाम से लड़कियों को अश्लील मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। टीम का गठन कर इसकी तफ्तीश शुरू की गई। तफ्तीश के दौरान दो संदिग्ध युवकों के बारे में टीम को पता चला। इसके बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी।
शनिवार की सुबह दोनों युवकों को तफ्तीश के लिए टीम ने धर दबोचा और जीआरपी थाने ले आई। पूछताछ के दौरान पहले तो दोनों अनभिज्ञ बने रहे पर जब कड़ाई की गई तो सच्चाई उगल दी और सोशल वेबसाइट पर फर्जी आईडी बनाने की बात कबूल ली।
आरोपितों की पहचान सौरभ गुप्ता पुत्र अशोक गुप्ता और संतोष कुमार पुत्र राजेन्द्र प्रसाद के रूप में की गई। जीआरपी की पूछताछ में सौरभ ने बताया कि कंप्यूटर के माध्यम से उनकी फोटो पर चश्मा लगा स्वयं का चेहरा लगाकर रतन सिंह नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। बताया कि फर्जी फोटो बनाने में संतोष कुमार द्वारा सहयोग किया गया था।