मेरठ में स्मैक माफिया तसलीम का काला धंधा सलमान उर्फ ‘पहाड़ी’ चलता है। तसलीम के बनाए तहखानों में लूट और चोरी का सामान भरा होता है।
तीन माह बाद होने वाले कैंट बोर्ड के चुनाव से पहले दावेदारी मजबूती से दिखाने की होड़ में दावेदारों ने ही स्मैक माफिया के कारनामे उजागर किए। पुलिस ने सुरंगनुमा दो तहखानों का खुलासा किया है, जबकि पांच और तहखाने की जानकारी मिली है।
सदर बाजार क्षेत्र के भूसा मंडी और मछेरान में स्मैक माफिया तसलीम का एकछत्र राज था। छह महीने पहले तसलीम जेल गया तो उसका धंधा सलमान उर्फ ‘पहाड़ी’ ने संभाला लिया। स्मैक, शराब और लूटपाट का धंधा पहाड़ी चलता रहा। तसलीम के बाद पहाड़ी के सामने भी स्थानीय लोगों की बोलती बंद थी।
स्थानीय लोगों को तसलीम के परिवार से मुकाबला करने का साहस एक युवक ने उनके जेहन में भरा। लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो उनका हौसला भी बढ़ा। एएसपी अभिषेक सिंह ने इसकी कमान अपने हाथ में ली। लोगों के बताए तसलीम के दो सुरंगनुमा तहखानों की तलाश की।
शराब और स्मैक के बीच मिला ये सामान
एक तहखाने में भारी संख्या में शराब की बोतल, स्मैक की पुड़ियां बरामद हुई तो दूसरा तहखाना खाली मिला। पुलिस ने बताया कि तहखाने में लूट के करीब 200 सिलेंडर, तार और अन्य सामान होने की सूचना थी। मुखबिर का कहना है कि पहले तहखाने में शराब और स्मैक बरामद होने के बाद पहाड़ी और तसलीम के परिजनों ने दूसरे तहखाने से सामान हटा दिया।
पांच और तहखानों की जानकारी?
भूसा मंडी और मछेरान में तसलीम के पांच और तहखाने की जानकारी पुलिस को लगी है। लोकेशन की सही जानकारी लगते ही पुलिस छापा मारेगी। पुलिस का दावा है कि तसलीम के तहखानों में लूट और चोरी का करोड़ों का सामान बरामद होगा। तसलीम जेल में जरूर है, लेकिन उसका काला धंधा लगातार चला रहा है। पहाड़ी के अलावा कई और लोग भी गिरोह में शामिल हैं।
स्मैक माफिया के यहां सुरंगनुमा तहखाने मिलने की सूचना से आर्मी और कैंट बोर्ड के अफसरों में भी खलबली मच गई थी। आर्मी और कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना भी किया था। कैंट बोर्ड अफसरों ने कहा भी था कि जांच कराकर तहखाने ध्वस्त किए जाएंगे। पुलिस अधिकारी तसलीम के साथियों की तलाश में जुटी है। इंस्पेक्टर सदर बाजार गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सलमान उर्फ ‘पहाड़ी’ की तलाश जारी है।
यहां आतंकी तो नहीं ठहरते थे?
तसलीम के सुरंगनुमा तहखाने देखकर पुलिस और आर्मी अफसर भी हैरत में पड़े। लोगों में चर्चा थी कि कही तहखाने में आतंकियों या फिर बदमाशों के ठहरने की व्यवस्था तो नहीं थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों ने सवाल भी किए थे। हालांकि पुलिस अफसरों ने लोगों के इस सवाल पर कन्नी काटते तहखानों में लूट और चोरी का सामान भरने की बात कही।
तसलीम का काला धंधा करीब पांच साल से भूसा मंडी और मछेरान में चलता था। जब भी पुलिस ने उसके घर दबिश दी तो लोग पुलिस पर हमला कर देते थे। लोग कैसे उसके खिलाफ सड़क पर उतरे, इसकी पुलिस ने जांच की। पुलिस ने बताया कैंट बोर्ड चुनाव तीन महीने बाद होना है, जिसमें कई युवक दावेदार है। वही युवकों एक के बाद एक तसलीम के तहखानों की सूचना पुलिस को देने लगे। एक युवक का नाम ज्यादा चर्चित है।
कौन है ‘पहाड़ी’?
तसलीम के गिरोह में करीब 20 लोग शामिल है, जिसमें आठ लोग खुद उसके परिवार के बताए गए हैं। सलमान उर्फ ‘पहाड़ी’ उसका चचेरा भाई है, जिस पर तसलीम सबसे ज्यादा विश्वास करता था। ‘पहाड़ी’ पहले बाहर रहता था, लेकिन तसलीम की गिरफ्तारी की बाद वह मछेरान में आकर रहने लगा। पुलिस को उसकी तलाश है।