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ज्योति हत्याकांड की कहानी, पुलिस की जुबानी

Thu, 31 Jul 2014 09:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर की करोड़पति बहू के हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान ज्योति के पति पीयूष ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। अवैध रिश्तों के दबाव में पीयूष ने अपनी पत्नी ज्योति की हत्या कराई। पीयूष ने इस हत्या की वारदात को अपने ड्राइवर की मदद से अंजाम दिया।
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कानपुर जोन के आईजी आशुतोष पांडे ने बुधवार को एक प्रेस कॉनफ्रेंस में इसका खुलासा किया । उन्होंने कहा कि ज्योति के पति पीयूष ने अपनी पत्नी की हत्या का गुनाह कबूल लिया है।

उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट का सीसीटीवी फुटेज इस घटना का सबसे बड़ा सबूत रहा जिससे पुलिस अपराधी तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि पीयूष ने अपने ड्राइवर के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या की। आईजी आशुतोष पांडे ने कहा कि पीयूष के दूसरे महिला से भी अवैध संबंध थे। उन्होंने कहा कि पीयूष ने अपनी महिला मित्र से शादी की बात भी की थी।
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अवैध संबंधों ने लगाई ज्योति की खुशी को नजर

आईजी आशुतोष पांडे ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला है कि पीयूष के एक नहीं, कई लड़कियों से संबंध हैं। पुलिस ने ऐसी तीन लड़कियों को मोबाइल कॉल डिटेल और मैसेजिंग रिपोर्ट के जरिए खोज भी निकाला है। इनमें दो सगी बहनें हैं, जो एक पान मसाला कारोबारी की बेटियां हैं।

पीयूष के मोबाइल फोनकॉल डिटेल के जरिए पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस के मुताबिक पीयूष के उसकी फैक्ट्री में काम करने वाली केमिस्ट के अलावा एक पान मसाला कारोबारी की दो बेटियों से भी करीबी रिश्ते हैं।

इनमें एक के गर्भवती होने का पता चला है पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 27 जुलाई की रात होटल में खाने के दौरान पीयूष की पान मसाला कारोबारी की बेटी से मोबाइल पर बात हो रही थी। साथ ही वह एक और महिला मित्र केमिस्ट से मैसेज के जरिए संवाद कर रहा था।

सीसीटीवी कैमरों ने खोली पीयूष की पोल

पुलिस के मुताबिक वारंडा रेस्टोरेंट में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से छह-सात कैमरों में ही पीयूष की तस्वीरें कैद हुई हैं। आईजी आशुतोष पांडेय ने कहा कि कि रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज देखने पर पाया कि रेस्टोरेंट में ज्योति- पीयूष एक टेबिल (सोफानुमा) पर आमने-सामने बैठै हैं।

टेबिल पर खाना आया। ज्योति ने खाना खाया लेकिन पीयूष ने काफी देर तक कुछ नहीं खाया। आखिरी वक्त पीयूष ने कुछ खाया। इसके बाद वह हुक्का पीने लगा और सोफे पर लेट गया। मोबाइल देखने लगा। वह ज्योति से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रहा था। इस दौरान पीयूष के मोबाइल पर एक एसएमएस आया।

इसके बाद पीयूष ने अपने मोबाइल में एक नंबर डायल किया और बात करते हुए रेस्टोरेंट की तीसरी मंजिल से उतरकर सड़क पर पहुंच गया। वहां सड़क पर खड़ी अपनी कार के आगे बातचीत करते हुए चला गया।

पीयूष की कार जाने के बाद केवल स्कूटी वहां दिखी

करीब 15 मिनट बाद वापस रेस्टोरेंट पहुंचा। रेस्टोरेंट के पास स्थित कार शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखने से इस बात का पता चला। बकौल आईजी रेस्टोरेंट के बाहर पीयूष की कार जाने के तीन मिनट बाद केवल एक स्कूटी वहां दिखी है। यह स्कूटी कमिश्नर दफ्तर की तरफ चली गई। इसके अलावा कोई बाइक फुटेज में नहीं नजर आ रही है।

पीयूष को जब क्षेत्राधिकारी राकेश नायक घर से हिरासत में लेकर चले तो उसी समय कोपेस्टेट चेयरमैन विजय कपूर पहुंच गए। पहले तो उन्होंने क्षेत्राधिकारी को रोका लेकिन वरिष्ठ पुलिस अफसर का निर्देश कहने पर चुप हो गए।

परिवार को उन्होंने ढांढस दिया कि बस पूछताछ के लिए आधे घंटे ले जाया जा रहा है, वह लेकर आएंगे। इसके बाद खुद विजय कपूर सीओ दफ्तर पहुंच गए। वहां 3:57-7:55 बजे तक खड़े रहे। पीयूष की हिरासत खत्म न होने इन्हें वापस लौटना पड़ा।

पहले खुद को बेगुनाह बताने का किया प्रयास

इससे पहले हाईप्रोफाइल ज्योति हत्याकांड में शक के दायरे में आए पति पीयूष ने मंगलवार को खुद को बेगुनाह बताने का प्रयास किया। अखबारों में खबर छपने के बाद सुबह टी-शर्ट दिखाकर वह यह बताता रहा कि उसने कोई कपड़े नहीं बदले थे, लेकिन होटल और थाने के वीडियो फुटेज दिखाने पर स्वीकार कर लिया कि बटन टूट जाने के कारण उसने टी-शर्ट बदली थी।

टी-शर्ट कहां बदली, इस सवाल पर वह चुप रहा। इतना जरूर कहा कि ज्योति से उसका किसी तरह का विवाद या अनबन नहीं थी। दुर्भाग्य उसे बचा नहीं पाया, इसका दुख है।

यह बात पुलिस को हजम नहीं हुई, क्योंकि समुदाय विशेष के युवक की बाइक पर स्वास्तिक का निशान होना समझ से परे हैं। पीयूष ने ज्यादातर सवालों का जवाब न में दिया। उसने पुलिस वालों से कहा कि जबरदस्ती उसे न फंसाया जाए।
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बाथरूम में दो-दो घंटे तक करता था गर्लफ्रेंड से बात

एसएमएस क्रेक कराने के लिए पुलिस गुड़गांव के आईटी एक्सपर्ट्स की मदद ले रही है। पुलिस की एक टीम पीयूष का मोबाइल नंबर लेकर गुड़गांव रवाना हो गई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि पीयूष और उसकी महिला मित्र के मैसेजों का जो भी अदान-प्रदान होता था, उसे पीयूष फौरन मोबाइल से डिलीट कर देता था।

उससे बात करने के बाद उसका मोबाइल नंबर भी डिलीट कर देता था। ज्योति को पीयूष के प्रेम संबंधों का पता चल गया था। इसके बाद से ही पीयूष अपनी जान से ज्यादा अपने मोबाइल को संभाल कर रखता था।

बाथरूम तक अपना मोबाइल ले जाता था। बाथरूम में दो-दो घंटे तक बात करता था। कभी ज्योति को अपना मोबाइल नहीं दिखाता था और न मांगने पर देता था। वारदात से पहले पीयूष और ज्योति ने खरीददारी की थी। पीयूष की कार में पुलिस को आम, सूजी और सील्ड कंपनी के तीन चाकू समेत कुछ अन्य सामान मिले हैं।
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