फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये बदनाम डॉक्टर इलाज के नाम पर करते थे रेप और हत्या

Wed, 07 Oct 2015 09:02 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
19वीं सदी में अमेरिकी उस हैवान से खौफजदा हो गए, जो एक डॉक्टर का लिबास ओढ़ लोगों को मौत के घाट उतार देता था। एच.एच. होम्स नाम का ये डॉक्टर चंद पैसों की खातिर लोगों का बेरहमी से कत्ल कर उनके शरीर के अंगों का सौदा करता था।
विज्ञापन


शिकागों में इस डॉक्टर को सन 1896 में करीब 200 लोगों की हत्याओं के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ऑडी की रिपोर्ट के मुताबिक होम्स ने शिकागों में एक ऐसा यातना घर बनवाया जिसमें खूफिया कमरे और तलघर थे। इसके अंदर कई खूफिया जगहें थीं।

होम्स लोगों को नौकरी देने के नाम पर उस जगह मिलता था, लेकिन एक बार कोई उस जगह दाखिल हो जाता तो कभी लौटकर वापस नहीं आता था। होम्स उन कर्मचारियों को बुरी यातनाएं देकर मार देता था और उनके शरीर के अंगों को अमेरिका के अन्य अस्पतालों में बेच देता था।
विज्ञापन


होम्स के खूफिया ठिकाने से बरामद हुई लाशें बहुत ही बुरी हालत में थीं। कानून की गिरफ्त में आने के बाद होम्स ने 27 कत्ल करने की बात कबूली थी। होम्स की मानें तो वो किसी बुरी आत्मा का शिकार था, जिसके असर में उसने इतनी हत्याओं को अंजाम दिया था।

दवाओं के नाम पर नशे और हवस का किया कारोबार

क्या कभी आपने ऐसे डॉक्टर के बारे में सुना है जो दवाओं की जगह लोगों को नशे का सामान थमा देता हो? लादेन एंटोलिक एक ऐसे ही बदनियत डॉक्टर का नाम है जो अमेरिका में मरीजों को प्रेसक्रिप्शन के तौर पर दवाओं की जगह ड्रग्स लिखता था। और जब मरीजे नशे के आदी हो जाते तो एंटोलिक उन्हें अपने यहां पार्टियों में आमंत्रित करता था। जहां पूरी रात नशे में मदमस्त लोग हवस का नंगा नाच करते थे।

दरअसल, एंटोलिक पैन मैनेजमेंट फिजीशियन के तौर पर काम करता था। इसी का फायदा उठाकर उसने नशे वाली ड्रग्स को लिखना शुरू कर दिया। एंटोलिक अपने मरीजों को कोकीन, मोरफिन, ऑक्सीडोन जैसी ड्रग्स देता था। एंटोलिक के ज्यादर मरीजों में जवान महिलाएं शामिल थीं।

एंटोलिक के इस धंधे की खबर किसी ने जांच एंजेसी डीईए को पत्र लिखकर दी। जिसके बाद चली जांच में साल 2010 में एंटोलिक सलाखों के पीछे पहुंच गया। एंटोलिक को 10 साल कैद की सजा हुई।

कैंसर के नाम कर 550 लोगों की जान से खेल गया ये डॉक्टर

बिना किसी कारण के दवाओं का इस्तेमाल जानलेवा साबित होता है, लेकिन फरीद फाटा नाम के इस डॉक्टर ने अपने नापाक मंसूबों के चलते कैंसर के नाम पर करीब 550 लोगों की कीमोथैरेपी तक कर डाली।

फाटा के ज्यादातर मरीजों को बीमारी नहीं थी। कुछ लोगों के छोटी-मोटी बीमारियां थीं, लेकिन उन्हें भी कैंसर के इलाज से गुजरना पड़ा।

एक मरीज ने शिकायत की, कि डॉक्टर फाटा ने उसके ट्यूमर का इलाज किया लेकिन उसे महसूस हुआ कि फाटा ने उसका गलत इलाज किया, क्योंकि ट्यूमर में जरा भी फर्क नहीं आया।

आखिरकार डॉक्टर फाटा को कई मामलों में दोषी पाया गया। उम्मीद है कि उसे 45 साल तक कैद की सजा होगी।

कैसे होनहार छात्र बना दरिंदा डॉक्टर?

क्या कोई होनहार छात्र भी एक हत्यारा डॉक्टर बन सकता है। जी हां, जोसेफ माइकल स्वैंगो ऐसे ही शख्स की नाम है जो स्कूली दिनों में सबसे होनहार छात्र था और नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप पाने वाला ग्रेजुएट भी।

ओहायो स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के मेडिकल सेंटर में इंटर्नशिप के दौरान अचानक से सेहतमंद लोगों की मौत होने लगी। एक बार स्वैंगो एक शख्स को गलत एंजेक्शन लगा रहा था, तभी एक नर्स ने उसे देख लिया।

साल 1985 में स्वैगो को सहकर्मियों को जहर देने के जुर्म में पांच साल की जेल भी हुई। लेकिन जेल से छूटने के बाद नकली कागजातों के दम पर स्वैंगो ने एक दूसरे मेडिकल स्कूल को ज्वाइन कर लिया।

जब एफबीआई को स्वैंगो के इस काम की भनक लगी तो उसने अपना ठिकाना जिमबाब्वे में बना लिया। लेकिन एक बार फिर स्वैंगों के इलाज से सेहतमंद लोगों की मौत होने लगी। वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन स्वैंगो वहां से भागने में सफल रहा उसने नामीबिया में अपना धंधा शुरू कर दिया।

आखिर में सऊदी अरब में अपने धंधे की जद्दोजहद के चलते उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जाता है कि स्वैंगो ने करीब 60 लोगों की इलाज के नाम पर जान ले ली।

इलाज के नाम पर करता था रेप

गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर चार्ल्स मोमाह ने इलाज के नाम पर कई महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बना डाला। मोमाह पर 100 महिलाओं से रेप, यौन उत्पीड़न करने और उन्हें धमकाने का आरोप है। मोमाह के भाई डॉक्टर डेनिस मोमाह पर भी उसके भाई के तरह रेप और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे।

एक मरीज ने कहा कि जब वो डॉक्टर मोमाह के पास इलाज के लिए गई तो मोमाह ने 13 गैरजरूरी सर्जरी कर डालीं और उसके साथ रेप भी किया। जब पीड़ित ने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो मोमाह ने उसके मोबाइल पर डराने-धमकाने वाले मैसेज भेजना शुरू कर दिया।

मोमाह ने कहा कि अगर वो उसके और उसकी बहन के साथ संबंध बनाने के लिए राजी होती है तो उसको और प्रेस्क्रिप्शन नहीं लिखा जाएगा। इसके अलावा मोमाह ने कहा कि अगर इस बात की सूचना पुलिस को हुई तो वो जान से हाथ धो बैठेगी।

अंत में मोमाह को 20 साल की जेल हुई लेकिन उसके भाई के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण वह बच निकला।

जब उपवास की सलाह पर भुखमरी से मर गए मरीज...

लिंडा बरफील्ड हजार्ड कभी मेडिकल स्कूल नहीं गई, लेकिन वॉशिंगटन के कानून में कुछ कमियों के चलते लिंडा को 19वीं सदी में मेडिकल लाइसेंस दे दिया गया।

लिंडा को हमेशा लगता रहा कि उपवास रखने से शरीर के टॉक्सिन्स को दूर किया जा सकता है और तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। ये बेहद चौकाने वाला सच है कि साल 1902 में लिंडा की देखरेख में रहे पहले मरीज की मौत की वजह भुखमरी थी।

लेकिन लिंडा ने कानून को नजरअंदाज करते हुए खुद का एक क्लीनिक और आरोग्यआश्रम खोल लिया। इसमें 40 और लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादा तर भुखमरी से मरे थे।

साल 1911 में लिंडा पर मुकदमा चला और उसे 2 साल की सजा हुई। उसके बाद लिंडा ने फिर से एक आरोग्यआश्रम खोला। 15 और वर्षों तक लिंडा ने लोगों को उपवास रखने की सलाह दी। साल 1935 में लिंडा का आरोग्यआश्रम जला दिया गया।

उसके 3 साल बाद लिंडा ने खुद के इलाज में उपवास रखा और उसकी भी भुखमरी से मौत हो गई। हैरतअंगेज बात ये है कि आज भी लिंडा की उपवास से इलाज वाली किताब खरीदी जा सकती है।
विज्ञापन

शराब के नशे में डॉक्टर बन गया हवस का पुजारी, किए ढेरों रेप

न्यू मैक्सिको के गाइनेकोलॉजिस्ट क्रिस्टोफर ड्रिस्किल को सबसे बुरा डॉक्टर कहा जाए तो भी कम है। मरीजों का इलाज करते वक्त क्रिस्टोफर शराब के नशे में धुत रहता था और मौका पाते ही इलाज कराने आई महिलाओं का रेप कर देता था।

एक बार आपातकालीन अवस्था में इलाज के लिए आई महिला का क्रिस्टोफर इसलिए इलाज नहीं कर सका क्यों कि उस वक्त वो दूसरी मरीज के साथ संबंध बना रहा था।

बाद में हुई जांच में ये खुलासा हुआ कि क्रिस्टोफर ने कई महिला मरीजों का रेप किया था और कई महिला कर्मियों से उसके अवैध शारीरिक संबंध थे।

लेकिन साल 2014 तक जांच के घेरे में रहने के बाद क्रिस्टोफर अपना लाइसेंस वापस पाने में सफल रहा और अब उसके सेक्स एडिक्शन का मूल्यांकन किया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें