साल 2004 में जाली विकलांग प्रमाणपत्र रैकेट चलाने वाले डॉक्टर और उसके दो साथियों को कोर्ट ने तीन साल की कैद सुनाई है।
मामला पुणे के सहरकरनगर में रहने वाले डॉ राजकुमार सिंहवी और रैकेट चलाने वाले विनायक गायकवाड और शोभना पवार नाम के दो आरोपियों जुड़ा हुआ है।
पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि डॉ राजकुमार सिंहवी पुणे स्थित सासून सरकारी अस्पताल के नाम लोगों को जाली विकलांग प्रमाण पत्र बनाकर देते थे।
पुलिस को राजकुमार के पास से सासून अस्पताल के नाम विकलांग प्रमाण पत्र, रबर स्टैंप, ट्रेसिंग पेपर, वाइटनर, रबर स्टैंप पेपर भी मिला है।
जाली प्रमाणपत्र बनाने वाले इस रैकेट का भंडाफोड तो पुलिस ने साल 2004 में ही कर लिया था। लेकिन मामले के कोर्ट में चले जाने के बाद फैसला आने से देरी हो रही थी।