अभिनेता अक्षय कुमार और अनुपम खेर वाली फिल्म 'स्पेशल-26' से एक युवक इतना प्रभावित हुआ कि वह खुद 'सीबीआई प्रमुख' बन गया। साथ ही लोगों से मोटी रकम ऐंठने लगा।
फर्राटा अंग्रेजी बोलने वाले एक शख्स को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया है। वह लोगों से खुद को सीबीआई का संयुक्त निदेशक बताता था।
अपराध शाखा के एडिशनल सीपी रविंद्र यादव के अनुसार, 8 अक्टूबर को पुलिस को शिकायत मिली थी कि फोरेजन ट्रेडर्स के एडिशनल डीजी को किसी ने सीबीआई का संयुक्त डायरेक्टर बनकर धमकाया है। झंडेवाला स्थित इंपोर्ट/एक्सपोर्ट कंपनी के एक्सपोर्ट लाइसेंस को रिन्यू करने को भी कहा है।
इसके बाद 15 अक्टूबर को ओमेक्स के डीजीएम ने भी ब्लैकमेल करने और फिरौती की शिकायत दर्ज कराई।
रोहतक स्थित ओमेक्स सिटी में सुरेन्द्र कुमार और अजय कुमार ने दो प्लॉट के लिए नौ लाख रूपए निवेश किए थे। उस फर्जी सीबीआई संयुक्त निदेशक ने ओमेक्स अधिकारियों को भी फोन पर धमकाया था। उसने कहा था कि अगर कंपनी ने नौ लाख के बदले सुरेंद्र व अजय को 60 लाख रुपए नहीं दिए तो सीबीआई कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएगी।
इन तीन मामलों के बाद एसीपी होशियार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर यशपाल सिंह की टीम ने तफ्तीश शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने दिल्ली के पीतमपुरा से फर्जी सीबीआई संयुक्त निदेशक अमित को पकड़ लिया।
व्यवसाय में हुआ था बड़ा घाटा
अमित ने बताया कि वर्ष 2007-08 में उसको व्यवसाय में करीब 80 लाख रुपए का घाटा हो गया था। इसके बाद वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने लगा। वह लोगों को बताने लगा कि उसकी बड़े सरकारी अफसरों से अच्छी जान-पहचान है और कोई भी काम करवा सकता है।
अमित ने फर्जी आईडी पर सिमकार्ड भी ले रखा था। इस नंबर से वह लोगों को धमकाता था। इसी फोन से उसने ओमेक्स के संयुक्त मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील गोयल और जनरल मैनेजर मनोज गोयल को धमकी दी थी।
बी.फार्मा की डिग्री
अमित अग्रवाल के पिता हितेश शेयर मार्केट की प्राइवेट फर्म में अकाउंटेंट थे। उसने वर्ष 2004 में बंगलूरू के अलामीन कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी से बी. फार्मा किया था। इसके बाद उसने 2005 में होलसेल मेडिकल डिस्ट्रीब्यूटर का काम शुरू किया था।