मुंबई में 'दिल्ली जायका' होटल की नीलामी के साथ अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम एक बार फिर चर्चा में है। जानिए डी कंपनी ने कैसे बनाया इतना पैसा और कैसे करती है वो अपना करोबार।
करीब दो दशक पहले तक मुंबई में आतंक का खौफ पैदा करने वाला अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम और उसके साथी आज भी ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जी रहे हैं। डॉन दाऊद इब्राहीम के लोग यानी डी कंपनी के लोगों ने अनगिनत लोगों को मौत के घाट उतार खौफ का माहौल पैदा किया और फिर लोगों ने जमकर उगाही की।
इस खौफ के खेल का आलम यह है कि बॉलीवुड अभी तक डी कंपनी के नाम से अभी भी कांपता है। द हिन्दू के अनुसार, बॉलीवुड में डी कंपनी का प्रभाव अभी भी कायम है क्योंकि 2015 में भी बॉलीवुड के कई अभिनेताओं, निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटरों ने डी कंपनी को कमाई का एक हिस्सा दिया है।
हिंदू ने तहकीकात की तो पता चला डी कंपनी के छोटा शकील जैसे लोग अभी तक दुबई से बैठकर बॉलीवुड की फिल्मों में पैसा लगा रहे हैं और इंडस्ट्री में स्थापित होने के लिए अपनी पसंद के लोगों की मदद कर रहे हैं। हैरानी बात यह है कि डी कंपनी अपने तमाम कामों को जिस सुव्यवस्थित ढंग से अंजाम तक पहुंचाती है वह किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के काम जैसा होता है।
मल्टीनेशनल कंपनी के रूप में डी कंपनी
डी कंपनी अपना कारोबार बिल्कुल एक मल्टीनेशनल कंपनी की तरह चलाती है। मल्टीनेशनल कंपनी में जैसे चेक बनाने और पैसों के लेन देन के लिए अकाउंट डिपार्टमेंट होता है वैसे ही डी कंपनी का एक ऑफिस है जो सिर्फ संपत्तियों की खरीद फरोख्त के लिए चेक काटने और आय-व्यय का हिसाब रखता है। यह ऑफिस दुबई के एरीना इलाके में है।
दाऊद ने आतंक से जितना पैसा बनाया है उसका निवेश भी एक बड़ी कंपनी की रणनीत की तर्ज पर किया। बताया जा रहा है कि दुबई में दाऊद ने करीब 3200 हेक्टेयर इलाके में प्लॉट ,गगनचुंबी इमारतों के फ्लोर और ऑफस खरीदे।
दाऊद ने अपनी अधिकांश इमारतों और दुकानों को किराए पर दे रखा है जिससे सालाना 30 मिलियन दिरहम यानी 54 करोड़ रुपए सालाना की आय होती है। डी कंपनी के पास अपना कानूनी विभाग भी है जो कानूनी समस्याओं को देखता है। डी कंपनी एक और खतरनाक काम है ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलना।
ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलती है डी कंपनी
यह बात की किसी से छुपी नहीं है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बॉलीवुड के निमार्ता, अभिनेता और निर्माताओं पर पैनी नजर रखता है, क्योंकि विभाग की जांच में कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं जिसमें हवाला के जरिए बाहर (दुबई) पैसे भेजने का मामला सामने आया था।
फिल्मी चमक दमक में काम करने वाले लोग पर्दे के पीछे से आयकर बचाने के लिए हवाला के जरिए पैसों को बाहर भेजते हैं। कुछ फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के लिंक डी कंपनी से हैं ऐसे में लाजमी कि उनके काले धन को जायज धन में बदला जाए।
2011 में विकिलीक्स के जरिए लीक हुई कुछ सूचनाओं के हवाले से कहा गया है कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग अंडरवर्ल्ड के लोग, गैंगेस्टर्स और राजनेता गलत तरीके से अर्जित किए गए धन को मनी लाउंडरिंग के जरिए वैध धन में बदलने का काम करते हैं। इसके लिए फिल्म इंडस्ट्री को हवाला के जरिए फंडिंग की जाती है। इसे बाद में जायज धन के रूप में पेश किया जाता है।
मुंबई में फल-फूल रही है डी कंपनी
1993 में हुए मुंबई सीरियल धमकों के बाद दाऊद तो भारत छोड़कर भाग गया था लेकिन मुंबई में उसके गुर्गे अभी भी फल फूल रहे हैं।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में डी कंपनी के लोगों ने बिल्डिंग बनाने में पैसा लगाया है। मुंबई की सबसे ज्यादा घनी बस्ती भिंडी बाजार है। यहां की गलियां इतनी संकरी हैं कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल है। लेकिन यहां कई मंजिला इमारतें की भरमार मिल जाएगी।
इस इलाके में कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिनमें सरकार के खुफिया विभाग को डी कंपनी का पैसा लगा होने की सूचना है।