बिजनौर पुलिस ने बैंक अधिकारियों के सहयोग से साइबर क्राइम करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से चार एटीएम, बैंकों की पासबुक और लैपटॉप बरामद किया गया है।
पकड़े गए युवकों में एक राष्ट्रीय स्तर का कबड्डी खिलाड़ी है। जिसका 24 जून को आईटीबीपी में इंटरव्यू होना है। पुलिस ने दोनों का चालान किया है। सीओ हरेंद्र यादव ने बताया कि स्टेट बैंक और बैंक ऑफ पटियाला में खुले चार खातों में पिछले काफी दिनों से लाखों रुपये का लेनदेन चल रहा था।
बैंककर्मी इस बात को लेकर हैरान थे कि जितनी भी रकम आती है, कुछ देर में एकाउंट से निकाल ली जाती है। अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की।
दिल्ली से पाकिस्तान तक फैली है गैंग की नेटवर्किंग
पुलिस ने छानबीन की तो जैतरा निवासी राजीव सैनी के परिवार के चार सदस्यों के दोनों बैंकों में चार-चार एकांउट मिलें। ये सभी एकाउंट हल्दौर ब्लाक के गांव तौफापुर के दिलशाद व चांदपुर धुंधली के नसीम ने खुलवाए थे।
इन दोनों ने राजीव के परिवार को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये देने का लालच दिया था। एकाउंट खुलवाने के बाद राजीव से सभी एटीएम और पासबुक भी कब्जे में ले लिए।
दिलशाद और नसीम के सरगना पाकिस्तान व दिल्ली में बैठे हैं। जो राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को साइबर कॉलिंग करके लाखों की लाटरी निकलने का झांसा देते हैं। लाटरी की रकम देने के एवज में उनसे रुपये ऐंठकर इन एकाउंटों में डलवाते हैं।
लैपटॉप, एटीएम और बैंक की पासबुक बरामद
एकाउंट में रकम आते ही उस धन को दोनों आरोपी तत्काल निकाल लेते थे। बैंक अधिकारी पिछले लंबे समय से इस बड़े स्तर की हेराफेरी पर नजर रखे थे।
पुलिस ने बैंक अधिकारियों के सहयोग से बृहस्पतिवार को साइबर क्रिमनल गैंग का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस इनके दिल्ली में बैठे सरगना की तलाश में है, जो इस रकम को पाकिस्तान तक पहुंचाने का काम करता है।
इस धंधे के लिए दोनों आरोपियों को भी मोटा कमीशन दिल्ली में बैठे व्यक्ति से मिलता था। पुलिस ने नसीम और दिलशाद के कब्जे से लैपटॉप, आठ एटीएम कार्ड, हिसाब किताब का रजिस्ट्रर, पासबुक समेत कई दस्तावेज बरामद किए हैं।