देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि-हेमराज हत्याकांड में आखिरकार फैसला आ गया। दोहरे हत्याकांड के इस मामले में गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को अपना निर्णय सुनाया।
अदालत ने आरुषि के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को दोषी ठहराया। राजेश को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 34 और 203 के तहत गुनहगार ठहराया गया।
आरुषि मामले में सबसे अहम रहे ये 5 सबूत
दूसरी ओर, राजेश की पत्नी और आरुषि की मां नूपुर तलवार को भी आईपीसी की धारा 302, 201 और 34 के तहत दोषी पाया गया है।
फैसले से निराश्ा तलवार दंपति
फैसले के बाद तलवार दंपति ने एक बयान जारी कर कहा, "हम ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने पर बेहद निराश, दुखी और हताश हैं, जो हमने नहीं किया। लेकिन हम हार नहीं मानेंगे और न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।"
आरुषि फैसले पर तलवार दंपत्ति: हम तैयार हैं
अदालत में मौजूद वकीलों ने बताया कि निर्णय सुनाए जाने के बाद तलवार दंपति रो पड़े। साथ ही अदालत में मौजूद उनके रिश्तेदार भी बिलख पड़े।
रिश्तेदारों ने बताया कि राजेश तलवार ने उनसे कहा, "लड़ाई आगे भी जारी रखनी है। हार नहीं माननी।"
दोनों को डासना जेल ले जाया गया है। हेमराज की पत्नी ने फैसले पर खुशी जताई है। लगभग साढ़े पांच साल तक रहस्य बने रहने वाला यह मामला 15-16 मई, 2008 की दरम्यानी रात का है।
आरुषि-हेमराज हत्याकांड जैसे 5 हाई-प्रोफाइल मामले
नोएडा के जलवायु विहार के फ्लैट संख्या एल-32 में हुई थी। इस सनसनीखेज वारदात का सच जानने के लिए देश-विदेश के लोगों की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी रहीं।
अदालत में थी कड़ी सुरक्षा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए थे। इस दोहरे हत्याकांड में आरुषि के पिता राजेश तलवार और मां नूपुर तलवार मुख्य आरोपी थे।
नामचीन डेंटिस्ट राजेश और नूपुर तलवार की इकलौती बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के इस मामले में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, लेकिन कोर्ट ने जांच एजेंसी को मामले की दोबारा जांच करने का आदेश दिया।
25 मई 2012 को राजेश व उनकी पत्नी नूपुर तलवार पर हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 39 तो डिफेंस की ओर से 7 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। अभियोजन और डिफेंस की जिरह पूरी होने के बाद 12 नवंबर 2013 को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
रिटायर होने वाले हैं जस्टिस एस. लाल
आरुषि-हेमराज मर्डर केस सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस. लाल के लिए भी अहम है। इस मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठाने के बाद न्यायाधीश लाल इसी माह की 30 तारीख को रिटायर हो रहे हैं।
संभवत: यह उनके कार्यकाल का अंतिम फैसला होगा। हालांकि निठारी के एक मामले में भी फाइनल बहस पूरी हो चुकी है।
सीबीआई का अंतिम काउंटर
मर्डर मिस्ट्री में सीबीआई का अंतिम काउंटर भी खासा महत्वपूर्ण है। सीबीआई लोक अभियोजक बीके सिंह ने अपने इस काउंटर में कहा था कि ‘घर में चार व्यक्ति थे।
इनमें से दो की मौत हो गई। घर में न कोई बाहर से आया और न ही गया। ऐसे में साफ है कि तलवार दंपति ने ही दोनों की हत्या की है।’