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बाइक दौड़ाने वालों के लिए बुरी खबर, उतरवा लिए जाएंगे कपड़े!

Wed, 17 Jun 2015 03:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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बाइक दौड़ाने वाले के लिए नया कानून सामने आया है जो उनके लिए बुरी खबर हो सकता है। इस कानून के तहत पुलिस तेज बाइक चलाने वालों को पकड़ पाएगी तो उनके कपड़े उतरवा लेगी।
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तमिलनाडु में सड़क दुर्घटना के मामले देश में सबसे ज्यादा हैं। खासकर दो पहिया वाहनों के मामले में हालात चिंताजनक हैं। यहां मद्रास हाईकोर्ट ने बिना हेलमेट के बाइक चलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने का निर्देश देते हुए कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार से माफ नहीं किया जाना चाहिए।

लेकिन यहां की पुलिस कोर्ट के आदेश से एक कदम आगे बढ़ते हुए दुपहिया वाहन चालको के लिए कुछ नए नियम-कानून लागू किया है जो काफी हैरान करने वाले हैं। पुलिस ने अब बाइक रेसिंग करने वालों के कपड़े उतारकर उनके घर भेज रही है।
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14 लड़कों को कपड़े उतरवाकर भेजा घर

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, हाल में चेन्नई पुलिस ने 14 लड़कों के एक ग्रुप को महाबलिपुरम इलाके में रविवार की सुबह बाइक रेसिंग करते पकड़ा था। इन लड़कों को पुलिस थाने ले गई वहां पर नौ घंटे तक उन्हें बैठाए रही।

लड़कों से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उनके कपड़े भी उतरवाए। इतना नहीं हर लड़के के ऊपर बाइक रेसिंग के लिए 1200 रुपए का जुर्माना भी लगया और उनकी मोटर साइकिलों को एक रात के लिए थाने में जमा रखा।

ग्रुप में से एक लड़के ने आपबीती सुनाते हुए मीडिया को बताया कि उसने ऐसा कानून कभी नहीं सुना जहां कपड़े उतरवाए लिए जाते हों। हालांकि उस लड़के ने पुलिस के डर से अपना नाम बताने से मना किया है। इस घटना का शिकार हुए सभी लड़के पुलिस के इस रवैये से बेहद नाराज हैं।
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पुलिस ने कहा कानून का पालन हो रहा है

मामले पर जब पुलिस अधिकारियों से पूछ गया तो उन्होंने बताया कि उनके सिपाहियों ने लड़कों के साथ कुछ भी गलत नहीं किया, उन्होंने सिर्फ कानून का पालन किया है।

महाबलिपुरम थाने के दरोगा ने कहा बताया कि उन्हें अपराधियों का रिकॉर्ड रखना पड़ता है। जो पकड़ जाते हैं उनकी उम्र वैवाहिक स्थि‌ति और शरीर में दो पैदाइसी निशान या पहचान लिखनी होती है। उन्होंने कहा कि यही निशान देखने के लिए उनके कपड़े उतरवाए गए थे।

हालांकि इसी मौके पर एक लड़के पिता भी थाने पर मौजूद थे उन्होंने भी लड़कों के कपड़े उतरवाने की बात मानी। वहीं मानवाधिकारों से जुड़े लोगों का कहना है कि पुलिस को अपराधियों के कपड़ों के रंग लिखने के लिए सीआरपीसी में जरूर कानून है लेकिन इसके लिए कपड़े उतरवाने की जरूरत नहीं होती।
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