हॉलीवुड की चर्चित फिल्म 'जेम्स बॉंड' के किरदार के दीवाने लोगों ने उसकी चालाकियों को इस कदर अपनाया कि चीन की पुलिस भी हैरान रह गई।
चीन की पुलिस और शिक्षा विभाग को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब इस बात का खुलासा हुआ कि बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एक अंडरग्राउंड नेटवर्क के जरिए परीक्षाओं में नकल कर रहे हैं।
इनमें सिविल सेवा और स्कूल-कॉलेज की परीक्षाएं भी शामिल हैं। जहां छात्र सीक्रेट कैमरे और छोटे-छोटे गैजेट्स के जरिए नकल करते पाए गए।
चीन की पुलिस ने '007 स्टाइल में नकल' करने के लिए हजारों छात्रों को गैजेट्स बेचने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग ने वायलेस पिनहोल कैमरा को चश्मे, घड़ियों, रबर और पेंसिल आदि में फिट करके पूरे देश में हजारों छात्रों को बेचे थे।
लड़कियों ने अंतर्वस्त्रों में छिपाए ट्रांसमीटर
टीओआई के मुताबिक, चीन की बाओजी सिटी में एक कॉलेज के टीचर ने छात्रों को बेहद शातिर ढंग से नकल करते पकड़ा था। परीक्षा के दौरान कई छात्रों के कपड़ों में कॉपर एंटीना मिले।
जिनका इस्तेमाल शायद बाबी बैठे किसी व्यक्ति को सिग्नल के जरिए पेपर की कॉपी भेजने के लिए किया जा रहा था, वहीं कुछ लड़कियों ने अपनी ब्रा में ट्रांसमीटर छिपा रखे थे। इनके अलावा, कई छात्रों के पास से छोटे कैप्सूल, वायरलेस ईयरफोन और छोटे ट्रांसमीटर भी बरामद हुए हैं।
परीक्षा के दौरान छात्र पिनहोल कैमरे का इस्तेमाल पेपर की तस्वीरें खींचकर गैंग के किसी व्यक्ति के पास भेजते थे। जिसके बाद वे लोग उन्हें उसी डिवाइस पर सभी प्रश्नों के सही जवाब भेज देते थे। कई प्रश्नों के जवाब वाइस मोड में भी भेजे जाते थे। जिन्हें वायरलेस ईयरफोन के जरिए छात्र सुन लेते थे।
3800 छात्रों को क्लास से निकाला!
गैंग का भंडाफोड़ होने के बाद अब स्कूलों में परीक्षा के दौरान खास सावधानी बरती जाने लगी है। ऐसे ही एक कॉलेज में परीक्षा के दौरान नकल का शक होने पर परीक्षकों ने 3800 छात्रों को क्लासरूम से बाहर निकाल कर खुले मैदान में परीक्षा पूरी करवाई थी।
इसके पीछे वजह यह थी कि क्लासरूम की कुर्सियों में पहले से ही वायर सेट कर दिए जाते थे, जिसके जरिए वे नेटवर्क से जुड़े रहते थे। गैंग का खुलासा होने के बाद अमेरिकी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए परीक्षा देने वाले चीनी और दक्षिण कोरियाई छात्रों के परिणामों में देरी हुई थी।
दरअसल, शिक्षा विभाग को शक था कि इसके लिए होने वाली सैट (SAT) परीक्षा में भी छात्रों ने हाइटेक तरीके से नकल की।