ढूसरी गैंग ने पुलिस अभिरक्षा में डबल मर्डर के मुख्य गवाह पूर्व बीडीसी मेंबर के भाई गुलाब सिंह को गोलियों से भून दिया। सुरक्षा में साथ जा रहा एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने हमलावरों की तलाश में नाकाबंदी की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
शिकारपुर के गांव ढूसरी निवासी गुलाब सिंह (35) अपने पूर्व बीडीसी मेंबर भाई कटार सिंह और उनकी पत्नी सुनीता की हत्या का मुख्य गवाह थे। उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी।
सोमवार को गुलाब सिंह शिकारपुर स्थित बिजलीघर से बिल जमा कर बाइक से लौट रहे थे। वह बाइक खुद चला रहे थे, जबकि पीछे कांस्टेबल जीवनदास निवासी मवीसा कांधरा शामली और देवेंद्र बैठे थे।
जैसे ही वह जहांगीराबाद-शिकारपुर मार्ग पर कुतुबपुर और तैय्यबपुर गांव के बीच पहुंचे। सफेद स्विफ्ट कार में सवार बदमाशों ने गुलाब सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। दस गोलियां लगने से गुलाब सिंह की मौके पर मौत हो गई और जीवनदास हाथ में गोली लगने से घायल हो गया।
पूर्व बीडीसी मेंबर कटार सिंह और उसकी पत्नी सुनीता की 12 नवंबर, 2012 को रंजिशन हत्या कर दी गई थी। ताबड़तोड़ फायरिंग में दंपति के साथ कार में सवार बच्चे भी जख्मी हुए थे।
वारदात में बलराम भाटी और जीतू समेत पांच को नामजद किया गया था और पांच के नाम बाद में सामने आए थे। मुख्य आरोपी बलराम और जीतू को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।