पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की एक जूट मिल में नाराज मजदूरों ने रविवार को सीईओ की मिल परिसर के भीतर ही पीट-पीट कर हत्या कर दी।
भद्रेश्वर स्थित नार्थ ब्रुक जूट मिल में वेतन, भत्तों और काम का समय बढ़ाने के मुद्दे पर उपजे विवाद के गुस्साए मजदूरों ने सीईओ एचके माहेश्वरी की बेरहमी से पिटाई कर दी।
गंभीर हालत में माहेश्वरी को एक निजी नर्सिंग होम में दाखिल कराया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए मामले में पुलिस को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।
मिल परिसर के भीतर ही पीट-पीट कर हत्या
वहीं, इस मामले में राज्य की विपक्षी पार्टियों माकपा, कांग्रेस और भाजपा ने ममता सरकार को जमकर आडे़ हाथों लिया है। मामले में फिलहाल अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
हुगली के एसपी सुनील चौधरी ने कहा कि जूट मिल के मजदूर अपने काम का समय बढ़ाने की मांग कर रहे थे ताकि उनको ज्यादा मजदूरी मिल सके। लेकिन सीईओ ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
उसके बाद नाराज मजदूरों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। जूट मिलों में काम के घंटों के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाता है। मिल में मजदूरों को सप्ताह में फिलहाल 25 घंटे काम दिया जाता था। लेकिन वे इसे बढ़ाकर 40 घंटे करने की मांग कर रहे थे। हमले में महाप्रबंधक और मुख्य सुरक्षा अधिकारी भी घायल हो गए हैं।
सीएम मे माकपा और भाजपा के गुंडों को ठहराया जिम्मेदार
ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए माकपा और भाजपा के गुंडों को जिम्मेदार ठहराया है। ममता ने कहा, माकपा व भाजपा से संबद्ध यूनियनों ने सीईओ माहेश्वरी पर हमला कर उनकी बेतहाशा पिटाई की, जिससे उन्होंने दम तोड़ दिया।
उनके आरोपों के जवाब में माकपा से जुडे़ सीटू ट्रेड यूनियन के नेता श्याम चक्रवर्ती ने कहा कि तृणमूल झूठे आरोपों में फंसाकर उनको जेल भेजने की साजिश रच रही है।
जबकि, भाजपा नेता तथागत राय ने भी इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि राज्य में पार्टी के उभार से तृणमूल कांग्रेस डर गई है। इसलिए वह अनाप-शनाप आरोप लगा रही है।