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बदायूं: खुलासे से पहले पढ़िए EXCLUSIVE बातें!

Sun, 29 Jun 2014 07:50 AM IST
अमित सक्सेना/अमर उजाला, बदायूं
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बदायूं में दो बहनों से दुराचार के बाद पेड़ पर लटकाकर हत्या के मामले में खुलासे का काउंट डाउन लगभग शुरू हो गया है। चर्चा है कि सीबीआई इस खुलासे की इबारत बदायूं पुलिस की बनाई नींव पर ही तैयार कर रही है।
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कॉल डिटेल और मोबाइलों की लोकेशन से जुटाए गए तथ्य इस खुलासे को इतना दमदार बनाएंगे कि संशय की गुंजाइश ही खत्म हो जाएगी। सीबीआई ने तमाम मोबाइल और सिमकार्ड जुटाकर कड़ी से कड़ी जोड़ ली है।

बता दें कि तहरीर और रिपोर्ट के आधार पर तफ्तीश करना बदायूं पुलिस के लिए मजबूरी थी पर सीबीआई के लिए नहीं। देश की शीर्ष जांच एजेंसी ने एसआईटी से जो जांच का ब्यौरा लिया उसके मुताबिक केस काफी दिलचस्प और नए मोड़ पर था।
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जांच में दिखी सीबीआई टीम की मेहनत

इसके बाद आगे की मेहनत सीबीआई ने शुरू की। टीम ने सबसे पहले तो कोतवाली पुलिस से पुलिस ने पप्पू का मोबाइल लेकर कॉल रिकार्ड की जांच की। फिर एक बेटी के पिता और नवीगंज (दातागंज) में रहने वाले उसके दो मामा के मोबाइल भी ले लिए। एक लड़की का मोबाइल मृत्यु के दौरान उसके पास था जिसे पंचनामे से पहले किसी रिश्तेदार ने निकाल लिया था।

घटना के दो-तीन दिन बाद इसे पीड़ित परिवार को सौंपा गया तो परिवार के एक सदस्य ने गुस्से में इसके कई टुकड़े कर दिए। इसका सिम पहले ही तोड़कर फेंका जा चुका था जो कहीं मिला नहीं। जांच के लिहाज से इस मोबाइल में कुछ नहीं बचा था फिर भी सीबीआई ने तत्परता दिखाते हुए इसे जब्त कर लिया।

बाकी सभी जब्त मोबाइल के सिमकार्ड सीबीआई के पास मौजूद हैं तो इसके अलावा लड़की के भाई का वोडाफोन सिम वाला चाइना मोबाइल भी सीबीआई ने जांच के लिए ले लिया है। इनके अलावा दूसरी बेटी के पिता और चाचा के मोबाइल नंबर सीबीआई ने नोट कर लिए हैं। कई चिन्हित ग्रामीणों के मोबाइल नंबर भी नोट करके जांच में शामिल किए गए हैं। बताते हैं कि सर्विलांस के जरिए की गई जांच पड़ताल में तमाम ऐसी जानकारियां सामने आई हैं जो न केवल खुलासे की जमीन तैयार कर रही हैं बल्कि नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए सवालों की लंबी फेहरिस्त बनाने में भी मददगार साबित हो रही हैं।

तीन महीने पहले बिटिया को दिलाया था मोबाइल

वारदात का शिकार बड़ी बिटिया का मोबाइल तीन महीने पहले ही खरीदा गया था। बताते हैं कि गांव के मोबाइल विक्रेता ने चंद रुपयों के फेर में बिना कोई आईडी लिए सिम बेचा था। वारदात के बाद अब सिम विक्रेता भी सीबीआई के रडार में फंस गया है। सीबीआई ने उसे तलब करके लंबी पूछताछ की।

कटरा सआदतगंज कांड की चर्चित वारदात में एक लड़की का मोबाइल भी पूरे वक्त उसके साथ रहा। जांच के दायरे में आए के-टू कंपनी के इस मोबाइल को बिटिया ने करीब तीन महीने पहले गांव के केशव मोबाइल सेंटर से खरीदा था। इसमें डालने के लिए आइडिया कंपनी का सिम लिया गया था। सूत्र बताते हैं कि तब दुकानदार ने अतिरिक्त आर्थिक लाभ के चलते सिम के बदले कोई आईडी ही नहीं ली थी। अब भले ही मोबाइल और सिम टुकड़े-टुकड़े हो गए हों पर घटना के दौरान इस मोबाइल नंबर की लोकेशन और दूसरे सिमों में मिला इसका ब्यौरा जांच का विषय है।

इसी के आधार पर सीबीआई ने सिम विक्रेता केशव वर्मा को तलब कर लिया। बृहस्पतिवार को मंडी गेस्टहाउस में उससे पूछताछ की गई। जाहिर है कि खुलासे के दौरान सिम विक्रेता को भी बिना आईडी सिम जारी करने का दोषी बनाया जा सकता है। गांव में चर्चा है कि केशव समेत कुछ और दुकानदार अपना बिक्री टारगेट पूरा करने के फेर में पूरे इलाके में बिना आईडी के सैकड़ों सिम बेच चुके हैं। संभव है कि वह कुछ लोगों की आईडी और फोटो का दुरुपयोग भी कर रहे होंगे।

सीबीआई ने जुटाए कई चौंकाने वाले तथ्य

मोबाइलों की कॉल डिटेल और हर किसी से अलग-अलग पूछताछ के बेहतर नतीजे निकलने लगे हैं। सीबीआई अफसरों की मेहनत जल्दी ही सटीक खुलासा कर सकती है। टीम इससे खासी उत्साहित नजर आ रही है।

टीम के अधिकारियों ने कॉल डिटेल को आधार बनाकर कई चौंकाने वाले तथ्य जुटाए हैं। ऐसा ही एक क्लू नजदीकियों से वार्ता के दौरान मिला है। चूंकि पीड़ित पक्ष के मुताबिक बेटियों के शव रात के अंतिम पहर में पेड़ से लटकते देखे गए। बाकी रात भर पीड़ित परिवार के लोग अपने शुभचिंतकों के साथ बेटियों को गांव और खेतों में खोजते रहे। इस दौरान उन्होंने चौकी पर जाकर पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई।

सीबीआई ने घटना की रात 12 बजे से लगातार कई बार खास नंबरों पर की गई बातचीत का संज्ञान लिया। फिर कॉलडिटेल के आधार पर कुछ नजदीकी लोगों को बुलवा लिया। उनसे घटना की रात हुई बातचीत के बारे में पूछताछ की। इसमें विरोधाभासी बातें सामने आईं। एक व्यक्ति कह रहा था कि जिन्हें कॉल की गई उन्हें सिर्फ लड़कियों के न मिलने की सूचना दी गई तो दूसरा व्यक्ति पहले ही टीम को विपरीत बयान दे चुका था। वह कह चुका था कि उसे तो लड़कियों के मरने की सूचना मिली थी। ऐसे में केस की स्थिति काफी दिलचस्प हो गई है।

सीबीआई ने गांव में की पूछताछ

बृहस्पतिवार को सिपाहियों के टेस्ट के दौरान ही सीबीआई की एक टीम ने गांव में डेरा डाल दिया। टीम ने यहां आरोपी पक्ष से जुड़े लोगों से भी बात की। मंडी समिति गेस्टहाउस बुलाकर भी कुछ लोगों से बात की गई।

टीम के कुछ सदस्य दोपहर के वक्त गांव पहुंचे। वहां उन्होंने पीड़ित पक्ष से तो जरा देर मुलाकात की लेकिन आरोपी पक्ष की ओर ज्यादा वक्त बिताया। चूंकि आरोपी परिवार के तो सभी सदस्य गांव से जा चुके हैं। इस बीच कुनबे और बिरादरी के  लोग अपने घरों में हैं। इनमें भी बुजुर्ग और महिलाएं ही ज्यादा वक्त घर पर रहते हैं। सीबीआई टीम ने इन्हीं लोगों से घटना के बारे में लंबी पूछताछ की तो कई नई बातें निकलकर सामने आईं।

इसके अलावा भाकियू नेता हवलदार कश्यप, भूरे यादव, योगेंद्र शाक्य समेत कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों को मंडी गेस्ट हाउस बुलाकर घटना के बाद मौके की स्थिति के बारे में पूछताछ की। बालिकाओं के स्कूल का रिकार्ड लेकर भी एक स्टाफ को बुलाया गया। उससे भी बालिकाओं के बारे में टीम ने पूछताछ की।
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आज होगी आरोपियों की पेशी

जिला जेल में बंद आरोपियों की चौदह दिन की न्यायिक हिरासत का वक्त पूरा हो रहा है। इस क्रम में न्यायिक हिरासत को आगे बढ़वाने के लिए प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी की जाएगी। सीबीआई अधिकारी पुलिस की मदद से पांचों आरोपियों को पॉक्सो कोर्ट में पेश करेंगे। यहां से उन्हें फिर जेल ले जाया जाएगा।

आज हो सकते हैं पीड़ित परिवार के टेस्ट
आरोपी पक्ष के सभी पांचों लोगों के नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट पूरे हो चुके हैं। फोरेंसिक टीम अभी भी जिला मुख्यालय पर रुकी हुई है। अब सीबीआई को पीड़ित पक्ष के टेस्ट कराने हैं। सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को पीड़ित पक्ष के टेस्ट शुरू हो सकते हैं। बेटियों के पिता और चाचा तथा गवाह बाबूराम उर्फ नजरू समेत कुल चार लोगों के टेस्ट कराए जाएंगे जो संभवत: दो दिन में पूरे हो जाएंगे। फिर ब्रेन मैपिंग टेस्ट के लिए सभी को दिल्ली ले जाया जाएगा।
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