मऊ के रहने वाले हैं दरोगा दुर्ग विजय सिंह :
अपराधी रोहित को मुजफ्फनगर पेशी पर ले जाने वाले दरोगा दुर्ग विजय सिंह मऊ जिले के रानीपुर के निवासी हैं। वह मिर्जापुर पुलिस लाइन में तैनात हैं। सोमवार को एसआई दुर्ग विजय सिंह तीन सिपाहियों के साथ मुजफ्फरनगर पेशी में गए थे। वहां बदमाशों के हमले में वह घायल हो गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया है। मिर्जापुर में वह अकेले रहते हैं। जेल प्रशासन की ओर से बदमाश रोहित को मुजफ्फनगर पेशी पर ले जाने के लिए फोर्स मांगने पर दरोगा दुर्ग विजय सिंह और तीन सिपाहियों को उनके साथ भेजा गया था।
कुख्यात अपराधी की सुरक्षा कम क्यों :
रोहित पर हत्या के अलावा कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बाद भी उसे पेशी के लिए मुजफ्फरनगर सिर्फ एक एसआई और तीन कांस्टेबल के साथ भेजा गया। कुख्यात अपराधी की सुरक्षा अगर और बेहतर की गई होती तो दरोगा हमले में न घायल हुए होते, न ही आरोपी फरार होता।
गृह जनपद में पेशी का मिला लाभ :
रोहित मुजफ्फरनगर का निवासी है। वह फैजाबाद जेल में बंद था। रोहित की मुजफ्फरनगर जिले में सुशील मूछ गैंग से गहरी अदावत मानी जाती है। इसे देखते हुए रोहित को मिर्जापुर जेल भेजा गया था। मिर्जापुर से वह पेशी के लिए मुजफ्फरनगर जाता था। उसके साथियों ने उसके गृह जनपद में पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा लिया। इससे लग रहा है कि उसके साथियों ने पूर्व की पेशी के दौरान रेकी की होगी।