दिल्ली गैंगरेप के आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने के बाद भी अपराधियों में कोई खौफ नहीं है। महिलाएं घर और बाहर दोनों जगहों पर सुरक्षित नहीं हैं। दिल्ली गैंगरेप जैसी ही वारदात से असम के लखीमपुर में सनसनी फैल गई है।
22 नवंबर को चलते ऑटो में एक महिला से कथित गैंगरेप और हत्या के मामले में लोग सड़कों पर उतर गए हैं। अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर महिला और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
असम में दरिंदगी
लोगों के गुस्से को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की है।
राज्य गृह सचिव जीडी त्रिपाठी ने कहा कि लोगों की मांग को देखते हुए एसआईटी का गठन किया जा रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला से गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है।
बुधवार को ऑल असम स्टूडेंट यूनियन के सदस्य, महिला संगठनों तथा स्थानीय लोगों ने बोगिनाड़ी पुलिस स्टेशन के सामने धरना प्रदर्शन करते हुए मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
गैंगरेप के बाद आंखें निकालीं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार की है। महिला बोगिनाड़ी क्षेत्र में अपनी छह साल की बेटी को घर लाने के लिए ऑटो से स्कूल जा रही थी। उसमें सवार चार लोगों ने उससे गैंगरेप किया और फिर हैवान बन गए।
उन लोगों ने गैंगरेप के बाद महिला को पीटा। उसके सिर और गर्दन पर गहरे जख्म थे। उसके बाद महिला की आंखें निकाल ली और चलते ऑटो से बाहर फेंक दिया। महिला को जहां फेंका गया वहां से बोगिनाड़ी थाना महज 50 मीटर की दूरी पर था।
महिला को ऑटो से फेंकते देखकर लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसे एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में महिला को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई।