फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरुषि मर्डर केस: सीढ़ियों पर नहीं मिले थे खून के निशान

Sat, 02 Nov 2013 12:23 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
आरुषि-हेमराज मर्डर केस में छठे दिन की फाइनल बहस में डिफेंस ने कहा कि तलवार दंपति के मकान में सीढ़ियों पर खून के निशान नहीं थे।
विज्ञापन


सीबीआई के 13 गवाहों ने भी इस मामले में कोई बयान कोर्ट में दर्ज नहीं कराए। इसके अलावा सीबीआई ने इंटरनेट राऊटर का मुद्दा भी कोर्ट में उठाया।

मामले की सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने 6 नवंबर की तारीख नियत की है।

डिफेंस के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर और मनोज शिशौदिया का कहना था कि सीबीआई का आरोप है कि घटना वाली रात तलवार दंपति का राऊटर बार-बार चला और बंद हुआ जिससे साफ होता है कि हत्याकांड के बाद तलवार ने इंटरनेट का यूज किया था। जबकि राऊटर अगले दिन दोपहर एक बजे भी ऐसा होता रहा।

खुद अभियोजन की ओर से बतौर गवाह पेश हुए टेक्निकल एक्सपर्ट भूपेंद्र अवस्या ने इस स्थिति के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया था। गवाह का कहना था कि सीबीआई यदि उसे तलवार का लैपटॉप, कंप्यूटर, राऊटर और आईएसपी उपलब्ध कराती को राऊटर के बार-बार चलने और बंद होने के कारण की जानकारी हो सकती थी।
विज्ञापन


डिफेंस ने यह भी कहा कि अभियोजन की ओर से पुलिसकर्मी चुन्नीलाल, एएसपी अखिलेश कुमार, तत्कालीन नोएडा एसएसपी सतीश गणेश, सीओ केके गौतम, एमएस दहिया, रोहित कोचर, राजेंद्र समेत 13 गवाहों ने कभी अपने बयान में नहीं कहा कि सीढ़ियों पर खून के निशान थे।

इसके अलावा महिला दरोगा सुनीता राणा ने तो यह भी बयान दिया था कि वह खुद सीढ़ियों पर बैठी थीं। तत्कालीन एसडीएम संजय चौहान का यह कहना कि वह अपने आवास से 28 किलोमीटर दूर रोजाना मॉर्निंग वाक के लिए स्टेडियम आते थे, कोरी बात है।
विज्ञापन


किसी भी गवाह ने संजय चौहान की मौके पर उपस्थित के बारे में अपने बयानों में जिक्र नहीं किया है। इससे पहले भी डिफेंस सीबीआई की कुछ थ्योरीज को गलत बता चुका है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें