सीजेएम ने राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी से रेप करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में इलाहाबाद सिविल लाइंस थाने को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है।
पीड़िता की गुहार पुलिस ने नहीं सुनी तो उसने अदालत की शरण ली थी। पीड़िता की मां की ओर से दाखिल 156 (3) के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने यह आदेश दिया। पीड़िता कई बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है।
महिला की जींस तक उतार ले गए दरिंदे
रेप के बाद जान से मारने की धमकी
प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया है कि पीड़िता नवंबर, 2011 में अपनी बहन के घर गई थी। वहां आरोपी सरताज का आना-जाना था। 11 नवंबर, 2011 को जब वह बहन के घर अकेली थी, सरताज आलम घर में घुस आया और उसे डरा धमकाकर रेप किया।
उसे तमंचा दिखाकर धमकाया कि किसी से बताने पर जान से मार देगा। डर के मारे उसने यह बात किसी को नहीं बताई।
घर लौट रही थी विकलांग किशोरी, तभी...
होटल में दूसरी बार रेप
27 फरवरी, 2013 को जब वह स्कूल जा रही थी तो सरताज ने उसे जबरन अपनी बाइक पर बैठा लिया। उसे एक होटल में ले जाकर चाय पिलाई, इसके बाद वह अपना होश खो बैठी। सरताज ने उससे कई सादे कागजात पर दस्तखत कराए और फिर रेप किया। एक बार फिर उसे जान से मारने की धमकी दी।
पति को ढूंढ़ने निकली बीवी, पति के दोस्त ने लूटी आबरू
पुलिस ने दर्ज नहीं की शिकायत
एक दिसंबर, 2013 को पीड़िता जब अपनी मां के साथ सिविल लाइंस खरीदारी करने आई थी, सरताज ने विनायक सिटी मॉल के सामने पीड़िता और उसकी मां को रोककर कहा कि पीड़िता उसकी पत्नी है, उसे साथ जाने दें। इन घटनाओं की शिकायत जब सरताज के पिता और उसकी मां से की गई तो उन्होंने उल्टे पीड़िता और उसकी मां को फटकार लगाई।
पुलिस ने भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। सीजेएम प्रीति श्रीवास्तव ने सिविल लाइंस थाने को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है।