उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शादी के इंकार पर अधेड़ ने मंगलवार सुबह हनुमान सेतु दर्शन करने गई दून यूनिवर्सिटी की एक एमए की छात्रा पर तेजाब फेंक दिया। हमले में छात्रा का मामूली रूप से पेट झुलस गया और कपड़े जल गए।
सूचना मिलने पर पुलिस ने छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर मामला दर्ज कर अधेड़ को दबोच लिया है।
पुलिस के मुताबिक, देहरादून के व्यवसायी भानु प्रताप की 26 वर्षीय बहन सुषमा (दोनों काल्पनिक नाम) दून यूनिवर्सिटी में एमए कर रही है। भानु के पिता भगत राम का कुछ दिन पूर्व देहावसान हो चुका है।
भानु का कहना है कि, पिता की लखनऊ में महानगर के पेपर मिल कालोनी के विष्णु नारायण शिवपुरी से दोस्ती थी। पचास वर्ष का विष्णु खुद को सीबीआई का एएसपी बताता था।
पैसे हड़पने के लालच में उसने पिता पर विश्वास जमाया। वर्ष 2007 में विष्णु नारायण ने बहन को अपनी बेटी बताकर लखनऊ पढ़ाई के लिए लाया और महानगर गर्ल्स कालेज में 12वीं में एडमिशन करा दिया।
उस समय सुषमा की उम्र 17 वर्ष थी। बारहवीं की पढ़ाई के बाद वर्ष 2008 में सुषमा वापस देहरादून लौटने लगी तो अधेड़ विष्णु ने उसे रुकने का दबाव बनाया। मगर, वह नहीं मानी।
उसके बाद से विष्णु ने सुषमा को फोन व एसएमएस कर परेशान करना शुरू कर दिया। सुषमा का आरोप है कि, विष्णु ने फर्जी दस्तावेज बनाकर कोर्ट में सेक्शन-9 के पत्नी होने का दावा ठोंक दिया।
कोर्ट में मामले की सुनवाई के चलते सोमवार को देहरादून से अपने भाई भानु के साथ आई। मंगलवार सुबह हनुमान जी के दर्शन के लिए भाई-बहन हनुमान सेतु जा रहे थे। दोनों मंदिर के पास पहुंचे ही थे कि पीछे विष्णु नारायण आया और साथ चलने का दबाव बनाने लगा।
मना करने पर विष्णु ने तेजाब की बोलत निकाली और धमकाते हुए ऊपर फेंक दिया। सुषमा पीछे की ओर भागी जिससे तेजाब उसके पेट पर गिरा।
सूचना पर महानगर इंस्पेक्टर वीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इंस्पेक्टर ने छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजा। इंस्पेक्टर ने छात्रा की तहरीर पर मामला दर्ज कर विष्णु नारायण को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
झूठा शपथ पत्र देने के मामले में काट चुका है जेल
आरोपी विष्णु नारायण शिवपुरी छात्रा पर तेजाब फेंकने के मामले से पूर्व झूठा शपथ पत्र देने के आरोप में जेल काट चुका है।
दरअसल, विष्णु ने वर्ष 2007 में शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया था और जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष शपथ पत्र दिया था कि वह महानगर के पेपरमिल कालोनी का मूल निवासी है। उस पर कोई आपराधिक मुकदमे पंजीकृत नहीं हैं।
मगर, जांच में खुलासा हुआ कि विष्णु मूलरूप से जम्मू का रहने वाला है। विष्णु के खिलाफ देहरादून के सदर थाने में अवैध वसूली व अमानत में खयानत का मुकदमा भी पंजीकृत है जिसमें मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
यही नहीं विष्णु बीमा कंपनियों को गुमराह कर ब्लैक मेलिंग और धोखाधड़ी कर लाखों का चूना लगा चुका है। अविवाहित विष्णु लखनऊ में अकेले रहता है।