कारोबारी के सात साल के बेटे को अगवा करके 14 लाख की फिरौती मांगने वाले चचेरे मामा सहित पांच अपहरणकर्ताओं को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनमें दो बहनें भी शामिल हैं। पुलिस ने बहनों के कब्जे से बच्चे को मुक्त करा लिया है। पुलिस को इनके पास से बाइक और छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि सराय काले खां निवासी नरेंद्र ने 24 नवंबर को सनलाइट थाने में सात साल के भांजे के गायब होने की शिकायत की थी। उसने बताया कि बहन दोनों बच्चों के साथ उसके घर आई थी। घर के बाहर खेलने के दौरान भांजा गायब हो गया। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज करके जांच शुरू की।
इस बीच 26 नवंबर को परिजनों के पास अपहरणकर्ताओं का फोन आया जिसमें 14 लाख रुपये मांगे गए। अपहरणकर्ताओं ने कई बार फोन किया और चार लाख रुपये लेकर बच्चे को छोड़ने पर राजी हो गए। पुलिस टीम ने अपहरणकर्ता के फोन को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि चचेरे मामा रवि गुर्जर ने सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।
28 नवंबर को पुलिस को सूचना मिली कि बच्चे को बदरपुर के बाबा मोहन नगर में देखा गया है। पुलिस टीम ने एक मकान में दबिश देकर धरचुला, उत्तराखंड निवासी बबीता (22) और उसकी बहन अंजली (24) को गिरफ्तार करके बच्चा बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी रवि, संदीप और अनिल को भी बदरपुर स्थित सिब्बल सिनेमा के पास से दबोच लिया।
रुपये की जरूरत पर की वारदात
पुलिस के अनुसार, रवि पर पहले से झपटमारी और चोरी का मामला दर्ज है। उसे रुपये की जरूरत थी, इसलिए उसने बच्चे को अगवा करने की योजना बनाई। उसने पैसों का लालच देकर संदीप व अनिल का सहयोग लिया और बच्चे को अपने साथ लिव इन रिलेशन में रहने वाली बबीता और उसकी बहन अंजली को सौंप दिया। दोनों बहनें सात-आठ माह पहले नौकरी की तलाश में दिल्ली आई थीं।
चोरी के मोबाइल फोन से फिरौती की मांग की
रवि ने वारदात अंजाम देने से पहले अक्तूबर में मोबाइल फोन की झपटमारी की थी। इस फोन का उपयोग उसने फिरौती की रकम मांगने के लिए किया था। वहीं, मोटी रकम मिलने के आश्वासन के बाद अनिल ने वारदात को अंजाम देने के लिए नई बाइक भी खरीद ली थी।
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