चाचा की शादी में आई मासूम के मन में भी ढेरों उमंगे थीं। नन्हीं आखों में जश्न की चमक थी। वो भी अपने चाचा-चाची की गोद में बैठकर तस्वीरों में कैद हो जाना चाहती थी। नन्हें पैर डीजे के सेट पर थिरकना चाहते थे। समारोह की सारी खुशियां और यादों को वो अपने जेहन में भर लेना चाहती थी।
लेकिन किसी दरिदें की नजर उस पर ऐसी पड़ी कि हर्षोल्लास से सराबोर शादी का माहौल गम और अफसोस के मंजर में बदल गया। पल में शादी का मंडप श्मशान नजर आने लगा।
चाचा की बारात में आई सात वर्षीय मासूम को अगवा कर उसके साथ वहशत की हदों को पार किया गया। मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।
इंसानियत को शर्मशार करती बेहद घिनौनी वारदात यूपी के उरई से है। मृतका के घरवालों के मुताबिक मंगलवार रात चाचा की बारात में आई सात साल की बच्ची अचानक शादी से गायब हो गई थी। रात भर उसकी ढुंढ़ाई चली। लेकिन सुबह जब वो नजर आई तो सबकी चीखें निकल गईं। बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसके चेहरे को बड़े से पत्थर से कुचल दिया गया था।
वारदात के बाद से बच्ची के परिवार वाले सदमें में हैं। लोग आक्रोशित हैं। जिसकी कलेजे के टुकड़े के साथ हुई हैवानित से घरवाले और इलाकाई ऐसे आहत है कि उनकी व्याकुलता कभी सड़क जाम करने तो कभी शहर कोतवाली में धरना देने वाले आक्रोश में जाहिर हो रही है। क्योंकि इस घिनौनी वारदात की जिम्मेदार लचर कानून-व्यवस्था भी है।
पुलिस की लापरवाही भी उजागर
रेप के बाद बच्ची की हत्या
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झांसी के कस्बा समथर निवासी संदीप कुमार के भाई शिवम् की बारात मंगलवार रात उरई के विजय विक्रम पैलेस में आई थी। बारात में दूल्हे की सात वर्षीय सगी भतीजी भी थी। शादी के रस्मों-रिवाज के चलते बच्ची अचानक लापता हो गई। पिता संदीप और अन्य लोगों ने खोजबीन की, पर कुछ पता नहीं चला।
रात 12 बजे परिजन मंडी पुलिस चौकी पहुंचे लेकिन वहां ताला लगा था। यहां तैनात दरोगा मनोज गुप्त भी नहीं मिले। इस पर परिजनों ने कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी।
बुधवार सुबह छह बजे बारातघर के पास ही एक खंदक में खून से लथपथ अर्धनग्न हालत में बच्ची की लाश मिली। घटना से गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। सूचना पर आए एसपी एन कोलांचि, सीओ जंगबहादुर सिंह, कोतवाल आलोक सक्सेना ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया।
एसपी ने बताया कि बच्ची के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। पोस्टमार्टम से बच्ची के साथ हुए रेप की भी पुष्टि हुई है।
पुलिस की मानें तो वारदात तो अंजाम देने वाला कोई जान-पहचान का भी हो सकता है। वहीं जिस विवाह घर से बच्ची को अगवा किया गया था वहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। ऐसे में पुलिस विवाह घर के मालिकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती है।