अदालत भी कई दफा ऐसे फैसले दे देती है जो कि आम इंसान को सोचने के लिए मजबूर कर देती है और अदालत के फैसलों से कई बार बेगुनाह इंसान को भी सजा हो जाती है।
कुछ ऐसा ही मामला सामने आया जिसमें अदालत ने अपने गलत फैसले में एक चार साल के बच्चे को उम्रकैद की सजा सुना दी। यह अजब मामला मिश्र का है।
जहां कोर्ट ने हत्या के एक मामले में महज चार साल के बच्चे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि जिस वक्त मर्डर हुआ उस वक्त बच्चे की उम्र केवल एक साल थी। सजा सुनाए जाने के दौरान बच्चा अदालत में नहीं था।