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4 लड़कियों का अपहरण, एक से रेप

Wed, 26 Mar 2014 03:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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हरियाणा के हिसार जिले में पांच युवक एक लड़की का अपहरण कर उसे गाड़ी में डालने लगते है। तभी उस लड़की की तीन अन्य सहेलियां वहां पहुंच कर उनका विरोध करती हैं।
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विरोध के बाद पांचों युवक उन तीन लड़कियों को भी नशीला पदार्थ सुंघाकर उठा लेते है और उनमें से एक के साथ बलात्कार करते है। पीड़ित लड़कियों में दो नाबालिग हैं।

सदर पुलिस ने चारों के बयान पर अपहरण, दुराचार, छेड़छाड़ सहित पोक्सो एक्ट के तहत पांच युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों ने बताया कि 23 मार्च की रात करीब साढ़े 7-8 बजे चारों लड़कियां शौच के लिए जोहड़ की तरफ गई थी।
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वहां पर ललित, संदीप, सुमित व दो अन्य युवक गाड़ी लेकर आ गए। इनमें से एक लड़की के साथ पांचों युवकों ने छेड़छाड़ की और उसे गाड़ी में डालने लगे। साथ खड़ी तीन अन्य लड़कियों ने उनका विरोध किया तो उनके साथ भी छेड़छाड़ कर उन्हें भी गाड़ी में डाल दिया।

चारों लड़कियां रेलवे स्टेशन से बरामद

आरोपी युवकों ने उन्हें नशीला पदार्थ सुंघा दिया और वे बेहोश हो गई। इनमें से एक लड़की के साथ ललित नामक युवक ने दुराचार किया। अपहरण कर पांचों युवक लड़कियों को बठिंडा ले गए।

परिजनों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली तब वे लोग भठिंडा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और लड़कियों को बरामद किया गया।

मौके से युवक फरार थे। 24 मार्च की रात 10 बजे परिजन लड़कियों को लेकर घर पहुंचे। परिजनों व लड़कियों ने मंगलवार को पुलिस के सामने पूरा मामला बताया। पुलिस ने दोनों नाबालिग लड़कियों सहित चारों के महिला वकील की मौजूदगी में बयान दर्ज करवाए हैं।

मंगलवार देर रात को लड़कियों का मेडिकल करवाया गया। पुलिस ने 18 वर्षीय युवती के बयान पर ललित के खिलाफ दुराचार व अन्य तीन के बयान पर पांचों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मामले में हो रही राजनीति

दो समुदायों के विवाद के लिए यह गांव काफी चर्चित रहा है। जैसे ही दलित युवतियों के साथ छेड़छाड़ और दुराचार की घटना की सूचना राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों को मिली तो विभिन्न दलों के लोग मामला भुनाने में लग गए। मौके पर बसपा के भिवानी से प्रत्याशी वेदपाल तंवर व हजकां पार्टी के कुछ लोग भी पहुंचे।
 
चौकी में शिकायत देने पहुंचे पीड़ित लड़कियों के परिजनों ने पुलिस लाइन एरिया स्थित कैंट चौकी के सामने नारेबाजी की। उन्होंने दलित लोगों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर रोष जताया।

21 मई 2012 में दो समुदाय के बीच दीवार को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद में दलित समुदाय के करीब 150 परिवार पलायन कर लघु सचिवालय परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद भी आज तक मामला नहीं सुलझ पाया।
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सरपंच व उसका परिवार साजिश में शामिल

दलित समुदाय के लोगों का दावा है कि 80 परिवार आज भी गांव से बाहर रह रहे हैं। दो समुदायों के बीच विवाद यह था कि गांव में बने एक चबूतरे पर दीवार खींच दी गई थी। इस दीवार से एक परिवार ने उसके घर का रास्ता रोके जाने का आरोप लगाया था।

परिजनों ने सरपंच व उसके भाई सहित पूरे परिवार पर इस मामले में साजिश किए जाने का आरोप है। परिजनों का कहना है कि 23 मार्च की रात को उन्होंने लड़कियों की तलाश की। सुबह जब उन्हें लड़कियां नहीं मिली तो सबसे पहले उन्हें मामले की शिकायत गांव के सरपंच से की।

परिजनों का कहना है कि सरपंच ने उन्हें पहले कुछ नहीं कहा। आरोप है कि कुछ देर बाद सरपंच ने खुद फोन कर बताया कि लड़कियां भटिंडा रेलवे स्टेशन पर हैं।
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