टीम इंडिया को यदि सेमीफाइनल की होड़ में अभी भी बने रहना है तो उसे हर हाल में दक्षिण अफ्रीका को हराना होगा। दक्षिण अफ्रीकी टीम पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया से अपने मैच गंवा चुकी है। इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीकी टीम यदि भारत को हरा देती है और पाकिस्तान ग्रुप के आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार जाता है तब इन तीन टीमों के बीच मामला नेट रन रेट पर आकर फंस जाएगा। ऐसे में भारत, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच जिसका नेट रन रेट बेहतर होगा उसे सेमीफाइनल में जगह मिलेगी।
भारत की जीत से पहले, पाकिस्तान के हार की दुआ
यह तो हुई अंकगणित की बात, लेकिन एक बात तो तय है भारत को इस विश्व कप में आगे खेलना है तो हर हाल में द. अफ्रीका को धूल चटाना होगा। भारतीय कप्तान धोनी को इस सीरीज में की गई अपनी गलतियों से पार पाना होगा।
मैच रिपोर्टः इतिहास रहा भारत के साथ, क्या यह काफी है?
आक्रामक क्रिकेट खेलने की जरूरत
धोनी टीम इंडिया के सबसे सफल और आक्रामक कप्तान माने जाते हैं। हालांकि इन दिनों उनके सितारे गर्दिश में चल रहे हैं लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत को वो हथियार की तरह प्रयोग कर सकते हैं। द. अफ्रीका भले ही सुपर-8 में कोई भी मैच नहीं जीत पाया है लेकिन वो अपने अंतिम मैच में भारत को हर हाल में हराना चाहेगा। द. अफ्रीका को हराने के लिए भारत को आक्रामक क्रिकेट खेलना पड़ेगा।
7-4 के कांबिनेशन को ही उतारें
भारत ने पिछले मैच में टीम का कांबिनेशन 7-4 का रखा। हालांकि सभी बल्लेबाजों को खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन द. अफ्रीका की जो गेंदबाजी लाइन है उसके आगे टीम के पास बल्लेबाजों की फौज होनी जरूरी है। टीम की अगर सलामी जोड़ी चल गई तो कोई भी स्कोर बन सकता है।
पठान से गेंदबाजी की शुरुआत
नई गेंद का बखूबी इस्तेमाल पठान कर लेते हैं। पिछले कई मैचों से उनकी स्विंग के आगे बल्लेबाज टिक नहीं पा रहे हैं। लेकिन धोनी हर बार जहीर से गेंदबाजी की शुरुआत करा रहे हैं। जहीर एक सीनियर गेंदबाज हैं उन्हें बीच के ओवरों में रन कम देने का काम करना चाहिए। टीम को जरूरत है शुरुआती सफलता की, जो पठान पूरी कर सकते हैं।