गेंदबाजों के दबदबे वाले सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 16 रन से हराकर ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश्ा कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने चार विकेट पर 139 रन बनाए। जवाब में अजंता मेंडिस और रंगना हेराथ की कसी गेंदबाजी के आगे पाकिस्तान की टीम सात विकेट पर 123 रन ही बना सकी। रविवार को खेले जाने वाले फाइनल में श्रीलंका की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगी।
स्पिनरों की मददगार इस पिच पर श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने किसी भी मौके पर पाकिस्तानी बल्लेबाजों को खुलने नहीं दिया। कप्तान मोहम्मद हफीज ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए। हालांकि उन्हें दो आसान जीवनदान भी मिले।
इससे पहले श्रीलंकाई ओपनर कप्तान महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान टीम को विस्फोटक शुरुआत देने में नाकाम रहे। दोनों ने पहले विकेट के लिए 10.2 ओवर में 63 रन की धीमी साझेदारी निभाई। जयवर्धने हालांकि आक्रामक रुख अपनाते हुए 36 गेंदों में सात चौकों के साथ 42 रन की पारी खेलने में कामयाब रहे। कुमार संगकारा ज्यादा देर विकेट पर नहीं टिक सके और 11 गेंदों में तीन चौकों के साथ 18 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए।
दिलशान बेहद धीमे रहे। वह 43 गेंदों में तीन चौकों के साथ 35 रन ही बना सके। तीसरे विकेट के लिए दिलशान और जीवन मेंडिस पांच ओवर में सिर्फ 33 रन ही जोड़ सके। जीवन मेंडिस ने 18 गेंदों में एक चौके के साथ 15 रन बनाए। हालांकि आखिरी दो ओवर में एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा ने नाबाद 21 रन जोड़े। मैथ्यूज ने छह गेंदों में एक चौके के साथ 10 और परेरा ने सात गेंदों में दो चौके के साथ 11 रन की आकर्षक पारी खेली।
यह शानदार था। हालांकि बर्थडे बॉय धनंजय को बाहर रखना मुश्किल फैसला था लेकिन हम जानते थे कि लेफ्ट आर्म स्पिनरों के खिलाफ पाकिस्तान कमजोर है। हम मान रहे थे कि हमने 15 रन कम बनाए। मैदान पर हमने कुछ गलतियां भी की लेकिन यह हम पर भारी नहीं पड़ी। - महेला जयवर्धने, कप्तान, श्रीलंका
सभी खिलाड़ियों ने सौ फीसदी देने की कोशिश की। हम गेम में बने हुए थे लेकिन हमारा मध्यक्रम बिखर गया। जमशेद और हसन रजा हमारे लिए टूर्नामेंट की उपलब्धि रहे।- मोहम्मद हफीज, पाक कप्तान