तमाम उतार-चढ़ाव के बाद अब ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। बृहस्पतिवार को होने वाले पहले सेमीफाइनल में दो एशियाई टीम मेजबान श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच भिड़ंत होगी। इस मैच में दोनों टीमों की जीत का दारोमदार स्पिन गेंदबाजी पर होगा। उपमहाद्वीप की पिचें स्पिन गेंदबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती हैं और कोलंबो का प्रेमदासा स्टेडियम की पिच भी स्पिनरों की मददगार मानी जाती है।
सुपर-8 के अपने अंतिम लीग मैच में पाकिस्तान ने स्पिनरों के दम पर ही आस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी थी। श्रीलंका ने भी मौजूदा चैंपियन इंग्लैंड को स्पिन के जाल में फंसाकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया था। श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तानी स्पिनरों सईद अजमल, रजा हसन, शाहिद आफरीदी और मोहम्मद हफीज की कड़ी परीक्षा होगी।
श्रीलंका के पास कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान जैसे स्पिनरों को खेलने वाले अनुभवी बल्लेबाज हैं जो किसी भी गेंदबाजी की धज्जियां आक्रणण उड़ा सकते हैं। मेजबानों के पास भी अंजता मेंडिस, रंजना हेराथ, जीवन मेंडिस और युवा अकिला धनंजय के रूप में बढ़िया स्पिन आक्रमण है। श्रीलंका के पास लसिथ मलिंगा और नुवान कुलाशेखरा जैसे घातक तेज गेंदबाज भी हैं। ऐसे में पाक बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर खड़ा करने के लिए अपना पूरा अनुभव झोंकना होगा।
श्रीलंका को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का भी फायदा मिलेगा। लेकिन आंकड़ों के लिहाज से पलड़ा पाक का भारी है। दोनों टीमों के बीच हुए कुल नौ मैचों में से पाकिस्तान ने छह जीते हैं। वर्ल्ड कप में दोनों टीमें तीन बार भिड़ीं हैं और श्रीलंका एक बार विजयी रही है।
नंबर गेम
-(पाक टीम)
01 : बार पाकिस्तान टीम 2009 में चैंपियन बनी है।
04 : बार पाकिस्तान टीम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है।
-सर्वाधिक रन
144 : नासिर जमशेद
-सर्वाधिक विकेट
08 : सईद अजमल
-(श्रीलंका टीम)
02 : बार 2009 और 2010 में श्रीलंका सेमीफाइनल में पहुंची।
2009 : वर्ल्ड कप में पाक ने फाइनल में श्रीलंका को हराया था।
-सर्वाधिक रन
168 : महेला जयवर्धने
-सर्वाधिक विकेट
09 : अजंता मेंडिस
बदला चुकाना चाहेगा श्रीलंका
श्रीलंका के पास 2009 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान से मिली शिकस्त का बदला चुकता करने का बेहतरीन मौका है। इंग्लैंड में हुए 2009 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने फाइनल में श्रीलंका को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी थी।
पाकिस्तान के पास कुछ शानदार स्पिनर हैं लेकिन हमारे लड़के स्पिनरों को बढ़िया तरीके से खेलना जानते हैं। हमें यह देखने की जरूरत है कि हमें किस तरह का विकेट खेलने को मिलता है।- महेला जयवर्धने, कप्तान, श्रीलंका
पिछले तीन साल से हम अपने घर से बाहर खेल रहे हैं। अब हमें ऐेसे माहौल में खेलने की आदत हो चुकी है। यह हमारी टीम के लिए मुश्किल वक्त रहा है। इसके बावजूद हम शानदार उपलब्धियां हासिल करने में सफल रहे हैं। - मोहम्मद हफीज