धोनी वैसे तो हिम्मत से प्रयोग करते हैं लेकिन 141 रनों को बचाते हुए वो बैकफुट पर दिखे। पहला ओवर धोनी ने अश्विन से कराया। अश्विन ने 9 रन दिए। दूसरे छोर से धोनी ने जहीर को गेंदबाजी सौंपी जबकि इस टूर्नामेंट में नई गेंद से पठान ने हमेशा विकेट लिया है। पठान को धोनी ने 10वें ओवर में गेंदबाजी दी। पुरानी हो चुकी इस गेंद से पठान ने इस ओवर में 19 रन दिए। भारत को इस मैच में 9 विकेट से करारी हार मिली।
ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत को मिली शर्मनाक हार
5 गेंदबाजों का सही प्रयोग नहीं कर पाए
भारत के दोनों सलामी गेंदबाज हर ओवर में आसानी से रन दे रहे थे, लेकिन धोनी ने 6 ओवर तक गेंदबाजी में कोई परिवर्तन नहीं किया। पहले 6 ओवर में भारत ने बिना कोई विकेट लिए 47 रन दिए। इस दौरान 3 ओवर में अश्विन ने 29 और जहीर ने 18 रन दिए। सही मायनों में भारत यह मैच यहीं हार गया था। पहले 6 ओवर में दोनों सलामी बल्लेबाज पूरी तरह क्रीज पर जम चुके थे। इसका खामियाजा 6 ओवर के बाद गेंदबाजी करने आए हरभजन सिंह और पीयूष चावला को भुगतना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के दोनों सलामी बल्लेबाज बिना किसी दबाव के सभी गेंदबाजों की आसानी से पिटाई करते रहे।
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टॉस जीत कर गलत फैसला
इस मैच से पहले इसी मैदान पर पाकिस्तान ने पीछा करते हुए द. अफ्रीका को हराया था। 5 गेंदबाजों के साथ उतरे धोनी ऑस्ट्रेलिया को कम स्कोर पर रोकने के बजाय पहले बल्लेबाजी करना उचित समझा जो गलत साबित हुआ। भारतीय पारी पूरी तरह भरभरा गई। जवाब में भारतीय गेंदबाज इस स्कोर को बचा पाने में नाकामयाब साबित हुए।
पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो जाते हैं धोनी
धोनी के हावभाव से लगता है जैसे वो मैच का खाका पहले से ही सोच लेते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो अपने सबसे सफल गेंदबाज को पहले भेजते। धोनी शायद यह मान बैठे थे कि मैच अंतिम ओवरों तक जाएगा तो उस समय इरफान पठान कारगर साबित होंगे। लेकिन इरफान के आते-आते मैच हाथ से निकल गया। इरफान ने मैच का 10वां ओवर फेंका। इरफान इस मैच में केवल 1 ओवर गेंदबाजी कर पाए जिसमे उन्होंने 19 रन दिए।