पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने कहा कि सचिन तेंदुलकर के बिना भारतीय टीम की कल्पना ही नहीं की जा सकती। कुंबले ने साथ ही कहा कि संन्यास के बारे में कोई भी फैसला करने का हक सिर्फ सचिन को ही है। कुंबले ने सचिन के नवंबर में भविष्य की योजनाओं के बारे में सोचने की बात पर कहा, ‘मुझे अभी तक यह जानकारी नहीं कि सचिन ने अपने लिए क्या कहा है। इसलिए मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकता लेकिन मेरा मानना है कि सचिन के बिना भारतीय टीम की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। वह 23 वर्षों से भारतीय टीम का एक अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं लंबे समय तक ड्रेसिंग रूम में सचिन के साथ रहा। हमने काफी समय साथ-साथ गुजारा है। संन्यास लेना किसी व्यक्ति का निजी फैसला होता है। मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि लंबे समय से खेल से जुडे़ रहने के बाद किसी भी खिलाड़ी के लिए यह फैसला करना बहुत मुश्किल काम होता है।’
गौरतलब है कि एक अखबार को दिए इंटरव्यू में सचिन ने कहा कि वह अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में नवंबर में सोचना शुरू करेंगे। हालांकि सचिन अब तक यही कहते आ रहे थे कि जब तक उन्हें खेलने में मजा आता रहेगा वह खेलेंगे। यह पहला मौका है जब सचिन ने कहा है कि वह अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में विचार करेंगे।