फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टी-20 वर्ल्ड कप: आ देखें जरा, किसमें कितना है दम

Mon, 10 Sep 2012 12:00 PM IST
Cricket
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्वंटी-20 क्रिकेट गेंदबाजों और बल्लेबाजों की ही नहीं बल्कि कप्तान की भी कड़ी परीक्षा लेता है। टेस्ट और वन-डे क्रिकेट में कप्तान के पास रणनीति को अंजाम देने का काफी वक्त होता है। ...और अगर कोई एक योजना असफल हो जाए को ‘बी’ या ‘सी’ प्लान भी काम कर जाता है। लेकिन टी-20 में हर एक गेंद के साथ मैच की तस्वीर बदलती है। ऐसे में कप्तान को तुरंत अपनी योजना को अंजाम देना होता है।
विज्ञापन


मैच की परिस्थितियों पर हर पल पैनी नजर, तुरंत फैसले लेने की काबिलियत, जोखिम उठाने की क्षमता, आखिरी गेंद तक हार न मानने का जज्बा, धैर्य और खिलाडियों को एकजुट रखकर लगातार प्रोत्साहित करने की क्षमता टी-20 में किसी कप्तान को सफल बनाने में कारगार साबित हो सकती है। चौथे टी-20 वर्ल्ड कप में भी 12 कप्तानों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। ...अब देखना यह है कि इनमें से कौन चैंपियन का ताज पहनता है।

महेंद्र सिंह धोनी (भारत)
2007 प्रथम ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप के विजेता भारतीय कप्तान चौथी बार इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की अगुआई कर रहे हैं। वह टूर्नामेंट के सबसे अनुभवी कप्तानों में से एक हैं। पिछले दो वर्ल्ड कप में भारत सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी है। लिहाजा धोनी के सामने टीम को खिताब वापस दिलाने की बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन


मोहम्मद हफीज (पाकिस्तान)
पाकिस्तान टी-20 टीम के कप्तान मोहम्मद हफीज पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में टीम की कमान संभालने जा रहे हैं। 31 वर्षीय हफीज की कप्तानी में पाक ने हाल में आस्ट्रेलिया को लगातार दो टी-20 मैचों में शिकस्त दी है। बकौल कप्तान हफीज के लिए 2009 का इतिहास दोहराने का बेहतरीन मौका है।

महेला जयवर्धने (श्रीलंका)
जयवर्धने न सिर्फ अनुभवी बल्लेबाज हैं बल्कि अनुभवी कप्तान भी है। पिछले तीन वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुके जयवर्धने अभी तक विजेता टीम का हिस्सा नहीं बन सके हैं। मेजबान होने के नाते घरेलू दर्शकों के सामने उनके ऊपर दबाव होना लाजिमी है। लेकिन उन्हें घर में खेलने का फायदा भी मिलेगा।

स्टुअर्ट ब्रोड (इंग्लैंड)
गत विजेता इंग्लैंड स्टुअर्ट ब्रोड की अगुआई में खिताब बचाने की उम्मीदों को लेकर मैदान में उतरेगी। शुरुआती वर्ल्ड कप में युवराज सिंह के हाथों एक ओवर में छह छक्के खाने वाले ब्रोड अब एक परिपक्वय खिलाड़ी बन चुके हैं। अब देखना यह है कि एक कप्तान के तौर पर वह कितना सफल हो पाते हैं।

जॉर्ज बैली (आस्ट्रेलिया)
आईसीसी के अभी तक के सभी खिताब जीत चुकी पिछली बार की उपविजेता आस्ट्रेलिया सिर्फ टी-20 खिताब से महरूम है। पाकिस्तान के खिलाफ लगातार दो टी-20 मैच हारने के बाद आस्ट्रेलिया रैंकिंग में 11वें पायदान पर है। बैली के सामने आस्ट्रेलियाई रुतबे को कायम करने की बड़ी चुनौती है।

एबी डीविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका)
हमेशा एक अच्छी टीम होने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका कभी किसी फॉरमेट में वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन सकी। लेकिन डीविलियर्स की कमान में दक्षिण अफ्रीकी टीम इस बार इतिहास रच सकती है। आईपीएल में डीविलियर्स रॉयल चैलेंजर्स की कप्तानी भी कर चुके हैं ऐसे में टीम को नए मुकाम पर ले जाने में सक्षम हैं।

डरेन सैमी (वेस्ट इंडीज)
मुश्किलों हालातों में वेस्ट इंडीज की कप्तानी संभालने वाले डरेन सैमी के पास अनुभवी और युवा जोश से भरपूर एक सशक्त टीम है। इस टीम को इस बार खिताब का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा है। एक कप्तान और एक खिलाड़ी के तौर पर सैमी के पास टीम को विश्व चैंपियन का ताज पहनाने की काबिलियत है।

रोस टेलर (न्यूजीलैंड)
रोस टेलर की कप्तानी में न्यूजीलैंड पहली बार विश्व चैंपियन खिताब जीतने का दमखम रखती है। हालांकि टेलर की कप्तानी में न्यूजीलैंड को हाल में ज्यादा सफलता नहीं मिली है। टेलर के पास इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर खुद को बेहतर कप्तान साबित करने का बेहतरीन मौका है।

मुशफिकुर रहीम (बांग्लादेश)
एक साल पहले बांग्लादेश टीम के कप्तान बने विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम ने टीम को इस साल अपने घर में हुए एशिया कप टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचाकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उनकी कप्तानी में टीम नए जोश और नए उमंग के साथ मैदान पर उतर रही है। रहीम एंड कंपनी टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर करने की क्षमता रखती है।

ब्रैंडन टेलर (जिम्बाब्वे)
आलराउंडर ब्रैंडन टेलर की कमान में जिम्बाब्वे में बड़ी टीमों को चौंकाने का माद्दा है। टेलर के पास टूर्नामेंट में खोने के लिए कुछ नहीं है। टेलर की नजर टूर्नामेंट में दमदार टीमों के खिलाफ एक-दो जीत हासिल करने पर है। यदि टेलर एंड कपनी ऐसा करने में कामयाब रही तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगा।
विज्ञापन


इनमें भी पलटवार करने का दमखम
नवरोज मंगल (अफगानिस्तान)
विलियम पोर्टफील्ड (ऑयरलैंड)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें