सिख पंथ के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर सिखों ने छबीलें लगाकर अपने गुरु को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जहां गुरुद्वारों में सुबह से ही विशेष कीर्तन दरबार लगे, वहीं लोगों ने छबीलों में श्रद्धा भाव से सेवा की। गुरु अर्जुन देव ने मुगल बादशाह की यातनाएं झेली और आज ही के दिन ज्योति जोत में समा गए थे।
उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सिख आज के दिन शरबत और प्रसाद की छबील लगाकर राहगीरों को राहत देने का प्रयास करते हैं। जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से तालाब तिल्लो स्थित गुरुद्वारा छठीं पातशाही में विशेष समागम का आयोजन किया गया जिसमें दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब की हुजूरी रागी जत्थे ने अपने मधुर कीर्तन से संगत को निहाल किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में संगत उपस्थित थी। जिला प्रशासन व पुलिस विभाग की ओर से यहां विशेष इंतजाम किए गए। गुरुद्वारा साहिब में विशेष लंगर का आयोजन किया गया। इसके अलावा शहर के तमाम गुरुद्वारों में दिन भर छबीलें लगी रहीं। इस दौरान युवाओं में सेवा का भाव देखने को मिला और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ छबीलों में योगदान किया।
पिछले एक माह से तमाम गुरुद्वारों में स्त्री सत्संग की ओर से चल रहे सुखमनी साहिब के पाठ का भी भोग डाला गया। जम्मू के जैन बाजार स्थित गुरुद्वारा बाबा चंडा सिंह में भी कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन त्रिलोचन सिंह, विधान परिषद सदस्य अवतार सिंह खालसा, सरदार तेजवंत सिंह समेत बड़ी संख्या में संगत मौजूद थी।
इस मौके पर नेपाल में आए भूकंप में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए भी अरदास की गई।