बैंक कर्मचारियों की वेतन पुनरीक्षण की मांगों पर केंद्र सरकार के कोई ध्यान न देने के कारण बुधवार को फिर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इससे पहले 12 नवंबर को भी बैंकों में हड़ताल रही थी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देश की आठ दूसरी यूनियनों ने भी इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। यूनियन के महामंत्री प्रकाश अवस्थी ने बताया कि बैंक कर्मचारियों के वेतन की बढ़ोत्तरी हर पांच में होती है। बैंक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि 1 अक्टूबर 2010 से रुका है। कर्मचारियों ने मांग की है हमारे वेतन में 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाए। परंतु सरकार साढ़े 11 प्रतिशत से आगे नही बढ़ रही है, जबकि हम लोग 25 से घटकर 23 प्रतिशत पर आ गए। मांग न माने के कारण बैंक कर्मचारी 12 नवंबर को हड़ताल कर चुके है। लीड बैंक के मैनेजर राबर्ड राजेश ने बताया कि बुधवार को बैंकों की हड़ताल होने के कारण बैंक बंद रहेंगी।